{"_id":"5b7d8ad842c792464e176a99","slug":"women-thrown-childs-in-ghaghra-river-at-ballia","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"घरेलू कलह से ऊबी महिला ने दो बच्चों को घाघरा नदी में फेंका, कांवरियों ने तीसरी बच्ची की बचाई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घरेलू कलह से ऊबी महिला ने दो बच्चों को घाघरा नदी में फेंका, कांवरियों ने तीसरी बच्ची की बचाई जान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया
Updated Thu, 23 Aug 2018 09:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घरों में छोटा-मोटा तनाव तो चलता है लेकिन जब यह हद से ज्यादा बढ़ जाए तो जीवन की शांति चली जाती है। कई बार लोग तनाव, कलह और झगड़ों से तंग आकर गलत कदम भी उठा लेते हैं। ऐसा ही एक मामला बुधवार को यूपी के बलिया जिले में सामने आया। यहां एक महिला ने घरेलू कलह से तंग आ कर खुद की और अपने बच्चों की जिंदगी खत्म करने की ठान ली।
बिहार और यूपी को जोड़ने वाले जयप्रभा सेतु पर बुधवार शाम घरेलू कलह से ऊबी महिला ने अपने डेढ़ साल के बेटे प्रिंस और पांच साल की बेटी निशा को घाघरा नदी में फेंक दिया। वह अपनी तीसरी बच्ची अर्चना (7) को भी फेंकना चाह रही थी, लेकिन वहां से गुजर रहे कांवरियों की नजर पड़ गई और बच्ची को बचा लिया।
उन्होंने महिला पीटने के बाद बिहार की मांझी पुलिस के हवाले कर दिया। बिहार राज्य के सारण जिले के रिविलगंज थाना क्षेत्र के आलेख टोला (सिताब दियरा) निवासी लल्लन राम की पुत्री मनोरमा देवी की 11 वर्ष पूर्व मांझी थाना क्षेत्र के ताजपुर फुलवरिया गांव में अमरजीत राम से शादी हुई थी।
विज्ञापन
शादी के कुछ दिनों बाद से ही गृह कलह शुरू हो गया। जिसकी शिकायत मनोरमा ने मायके वालों से की। मायके वाले हमेशा समझा-बुझाकर ठीक से रहने के लिए कहकर चले जाते। इस बीच मनोरमा तीन बच्चों की मां बन गई। लेकिन ससुराल वालों की प्रताड़ना बंद नहीं हुई।
विज्ञापन
बिहार और यूपी को जोड़ने वाले जयप्रभा सेतु पर बुधवार शाम घरेलू कलह से ऊबी महिला ने अपने डेढ़ साल के बेटे प्रिंस और पांच साल की बेटी निशा को घाघरा नदी में फेंक दिया। वह अपनी तीसरी बच्ची अर्चना (7) को भी फेंकना चाह रही थी, लेकिन वहां से गुजर रहे कांवरियों की नजर पड़ गई और बच्ची को बचा लिया।
विज्ञापन
उन्होंने महिला पीटने के बाद बिहार की मांझी पुलिस के हवाले कर दिया। बिहार राज्य के सारण जिले के रिविलगंज थाना क्षेत्र के आलेख टोला (सिताब दियरा) निवासी लल्लन राम की पुत्री मनोरमा देवी की 11 वर्ष पूर्व मांझी थाना क्षेत्र के ताजपुर फुलवरिया गांव में अमरजीत राम से शादी हुई थी।
विज्ञापन
शादी के कुछ दिनों बाद से ही गृह कलह शुरू हो गया। जिसकी शिकायत मनोरमा ने मायके वालों से की। मायके वाले हमेशा समझा-बुझाकर ठीक से रहने के लिए कहकर चले जाते। इस बीच मनोरमा तीन बच्चों की मां बन गई। लेकिन ससुराल वालों की प्रताड़ना बंद नहीं हुई।
इलाज को लेकर पति ने की पिटाई
demo pic
आरोप है कि सास विद्यावती और ससुर बुनीलाल प्रताड़ित करते रहे। पति अमरजीत हमेशा शराब पीकर उसे मारता पीटता रहा। इस बीच वह बीमार भी रहने लगी। मंगलवार की रात इलाज व काम को लेकर पति से झगड़ा हो गया। अमरजीत ने उसकी पिटाई कर दी। इस माहौल से तंग आकर वह तीनों बच्चों के साथ मायके जाने के लिए निकल गई।
लेकिन जयप्रभा सेतु पर पहुंचकर पहले प्रिंस को नदी में फेंक दिया, फिर पांच वर्षीय निशा को। इन दोनों को फेंकते देख सात वर्षीय अर्चना डर से भागने लगी। अभी मनोरमा उसे पकड़ पाती कि पुल से गुजर रहे कांवरियों की निगाह पड़ गई और उसे पकड़ लिया गया। बैरिया के सीओ उमेश कुमार ने बताया कि यह मामला बिहार की सीमा का है और वहीं की पुलिस मुकदमा दर्ज कर विवेचना कर रही है।