'धर्म नहीं तो हम नहीं': आजमगढ़ में पोस्टर लेकर निकलीं महिलाएं, दो समुदायों में हुआ था विवाद; पहुंची पुलिस
आजमगढ़ में काली मंदिर की सफाई को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। सूचना पर एसडीएम और थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। इसके बाद मंदिर परिसर में सफाई का काम कराया गया। अधिकारियों ने लोगों से आपसी सौहार्द बनाए रखने और विवाद से बचने की अपील की।
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आजमगढ़ के रौनापार थाना क्षेत्र के भीख पट्टी गांव में बृहस्पतिवार सुबह काली मंदिर की साफ-सफाई को लेकर दो समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए। विवाद की सूचना मिलते ही रौनापार थानाध्यक्ष सुनील कुमार दुबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मामला बढ़ता देख एसडीएम सगड़ी संजीव कुमार राय ने दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया और समाधान निकालने की बात कही।
उपजिलाधिकारी ने दोनों पक्षों को थाने पर बैठाकर बातचीत के माध्यम से मामले का समाधान निकालने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी से आपसी सौहार्द बनाए रखने और विवाद को बढ़ावा न देने की अपील की। गांव की महिलाओं ने आरोप लगाया कि मंदिर के आसपास कुछ लोग कचरा फेंकते हैं।
स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी
इससे गंदगी फैलती है और पूजा-पाठ में परेशानी होती है। महिलाओं का कहना है कि मंदिर के चारों तरफ दीवार बनवाने के लिए कई बार प्रयास किए गए। हालांकि, सरकारी जमीन होने की बात कहकर मामला टाल दिया जाता है। विरोध में गांव की महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर यात्रा भी निकाली। तख्तियों पर ‘धर्म नहीं तो हम नहीं’ जैसे नारे लिखे थे।
गांव के संजय, मीना विश्वकर्मा, सुभाष विश्वकर्मा और मंजू देवी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग मंदिर में पूजा-पाठ के दौरान अवरोध उत्पन्न करते हैं। वे मंदिर के आसपास कचरा भी फेंकते हैं। मना करने पर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मंदिर परिसर की साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है। उन्होंने इस समस्या के स्थायी समाधान की अपील की।
एसडीएम संजीव कुमार राय ने कहा कि किसी भी स्थिति में आपसी सौहार्द बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बातचीत के माध्यम से ही विवाद का समाधान कराया जाएगा। दोनों पक्षों को मौके पर शांति बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।