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गंगा में बड़ी मोटर बोट चलेंगी: हाथ से चलने वाली नावों पर रोक, इस पर दो तैराक नाविक रहेंगे तैनात; जान लें समय

Thu, 08 Oct 2026 10:42 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Thu, 08 Oct 2026 10:42 PM IST
सार

वाराणसी में गंगा का जलस्तर कम होने के बाद 9 अक्तूबर से बड़ी मोटर बोट के संचालन की अनुमति दी गई है। सुबह छह से शाम पांच बजे तक ही संचालन होगा। हाथ से चलने वाली नावों पर रोक रहेगी। प्रत्येक बोट पर दो तैराक नाविक, शत-प्रतिशत लाइफ जैकेट और निर्धारित क्षमता के आधे यात्रियों की अनुमति होगी।

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Large motorboats operate Ganges Manually operated boats banned two swimmer-boatmen deployed on each
वाराणसी में गंगा। - फोटो : संवाद

विस्तार

गंगा का जलस्तर कम होने और परिस्थितियों में सुधार के बाद वाराणसी में 9 अक्तूबर से बड़ी मोटर बोट के संचालन की अनुमति दे दी गई है। हालांकि, सुरक्षा को देखते हुए हाथ से चलने वाली नावों के संचालन पर रोक जारी रहेगी। मोटर बोट का संचालन निर्धारित समय और सुरक्षा मानकों के तहत ही किया जा सकेगा।

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एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि बड़ी मोटर बोट सुबह छह बजे से शाम पांच बजे तक ही गंगा में संचालित की जा सकेंगी। सुबह नौ बजे से पहले और शाम पांच बजे के बाद किसी भी मोटर बोट को चलाने की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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उन्होंने बताया कि प्रत्येक मोटर बोट पर दो तैराक नाविकों की मौजूदगी अनिवार्य होगी। इसके साथ ही नाव पर सवार सभी श्रद्धालुओं और यात्रियों को शत-प्रतिशत लाइफ जैकेट पहनाना होगा। बिना लाइफ जैकेट किसी भी यात्री को मोटर बोट में बैठाने की अनुमति नहीं होगी।

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मोटर बोट की निर्धारित क्षमता के आधे यात्रियों को ही यात्रा कराने की अनुमति दी गई है। इससे नाव पर अधिक भार होने की स्थिति से बचा जा सकेगा और किसी आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। नाव संचालकों को सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता भी सुनिश्चित करनी होगी।

प्रशासन के निर्देश के अनुसार प्रत्येक मोटर बोट में रस्सा, लाइफ बॉय समेत पर्याप्त सुरक्षा उपकरण रखना अनिवार्य होगा। नाविकों को भी यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। गंगा में नाव संचालन के दौरान निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी होगा।

एसीपी ने बताया कि खराब मौसम और गंगा के बढ़े जलस्तर को देखते हुए पहले नाव संचालन पर रोक लगाई गई थी। अब जलस्तर कम होने और परिस्थितियों में सुधार के बाद बड़ी मोटर बोट के संचालन की अनुमति दी गई है। हालांकि, प्रशासन ने साफ किया है कि मौसम या जलस्तर की स्थिति दोबारा प्रतिकूल होने पर संचालन को लेकर फिर निर्णय लिया जा सकता है।

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