जुलाई के बाद चार महीने विवाह का मुहूर्त नहीं, नवंबर-दिसंबर में शादियों के लिए रहेंगे सिर्फ 13 दिन
जून और जुलाई में अब शादियों के लिए पांच-पांच शुभ मुहूर्त हैं। इनके बाद 20 जुलाई को देवशयन यानी चातुर्मास की शुरुआत हो जाएगी।
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जून और जुलाई में अब शादियों के लिए पांच-पांच शुभ मुहूर्त हैं। इनके बाद 20 जुलाई को देवशयन यानी चातुर्मास की शुरुआत हो जाएगी। जिससे अगले चार महीनों में विवाह मुहूर्त नहीं रहेंगे। फिर नवंबर में शादियों की शुरुआत हो सकेगी।
कोरोना महामारी के चलते कई लोगों की शादियों में रुकावटें आ चुकी हैं। इस महामारी के कारण विवाह और सभी शुभ कामों के लिए अबूझ मुहूर्त अक्षय तृतीया पर भी शुभ काम नहीं किए जा सके। इसलिए अब कई लोगों को अगले बड़े मुहूर्त यानी भड़ली नवमी का इंतजार है।
ज्योतिषाचार्य पं. गणेश मिश्र ने बताया कि देश के कुछ हिस्सों में आषाढ़ महीने के शुक्लपक्ष की नवमी को अबूझ मुहूर्त मान कर इस तिथि में शादियां की जाती हैं। इसे भड़ली नवमी कहा जाता है। जो कि इस बार 18 जुलाई को है। इसके बाद अगला अबूझ मुहूर्त देवउठनी एकादशी रहेगा। जो कि 14 नवंबर को है। चार महीने बाद इसी दिन से शादियों की शुरुआत हो जाएगी।
बचे छह महीने में साढ़े पांच महीने मुहूर्त नहीं
20 जुलाई से देवशयन शुरू हो जाएगा और 14 नवंबर तक रहेगा। तकरीबन इन 4 महीनों के दौरान शुभ कामों के लिए मुहूर्त नहीं रहेंगे। इसके बाद 15 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच में सूर्य धनु राशि में आ जाएगा। जिसे धनुर्मास कहते हैं। इस एक महीने के दौरान भी शुभ काम नहीं किए जाते हैं। इस तरह जुलाई से दिसंबर तक 6 महीनों में सिर्फ 13 दिन शादियां की जा सकेंगी।