UP Weather: मौसम ने बदली करवट, चली तेज आंधी, दिनभर कड़ी धूप से बाजारों में सन्नाटा; तापमान 43 डिग्री के पार
Chandauli News: चंदौली में बुधवार को भीषण गर्मी और कड़ी धूप के कारण बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने से लोग दिनभर घरों में कैद रहे। वहीं शाम को मौसम ने करवट ली और तेज आंधी चलने से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली। न्यूनतम तापमान भी 33 डिग्री के पार दर्ज किया गया।
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UP Weather: नौतपा के बाद अब मृगशिरा नक्षत्र का अंतिम चरण लोगों को तपा रहा है। इस तपन ने लोगों को घर में कैद कर दिया है। बुधवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 33 डिग्री के पार रहा। हालांकि शाम को आंधी चली। इससे गर्मी से कुछ राहत मिली। मौसम विभाग ने भी आंधी पानी और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया है।
घाघ की कहावत है कि रोहिणी बरसे, मृग तपै, अदरा कुछ कुछ जाए, कहे घाघ सुन घाघणी श्वान भात न खाए। अर्थात यदि रोहिणी नक्षत्र में बारिश हो और मृगशिरा में तपन हो और अद्रा कुछ दिन बीते, इसके बाद बारिश हो तो इतनी अच्छी बारिश होगी और धान की उपज इतनी होगी कि कूत्ता भी भात नहीं खाएगा।
हिंदी महीने के हिसाब से 8 जून को मृगशिरा नक्षत्र की शुरूआत हुई है और 22 जून को इसका समापन होगा। इस तरह मृगशिरा का अंतिम चरण चल रहा है। ऐसे में तापमान लगातार बढ़ रही है। बुधवार की सुबह भी तीखी धूप खिली। दिन चढ़ने के साथ ही तापमान में बढ़ोत्तरी होती गई।
दिन भर 6 किमी की रफ्तार से लू चलती रही। इससे दोपहर में लोग घरों में कैद रहे। जो मजबूरी में बाहर निकले वे भी लस्सी, आम का पना, बेल के शर्बत की दुकानों पर पहुंचे। वहीं शाम की छह बजे तेज हवा चलने लगी। मौसम विभाग ने भी मिर्जापुर, भदोही, चंदौली और वाराणसी में 40 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने का आरेंज अलर्ट जारी किया है। तेज हवा चलने से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली है।
चिलचिलाती धूप व उमस ने लोगों की बढ़ाई बेचैनी
चिलचिलाती धूप व उमस भरी गर्मी ने बुधवार को क्षेत्र के मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में जमकर कहर बरपाया। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम 33 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
सुबह आसमान में हल्के बादल दिखे, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही तीखी धूप व उमस ने लोगों को बेचैन कर दिया। लोगों को घरों के अंदर न सुकून मिल रहा था न ही बाहर। भीषण गर्मी के कारण लोगों का गला सूख जा रहा था। प्यास बुझाने के लिए लोग कोल्ड ड्रिक, सिरफल व नीबू पानी व अन्य तरल पदार्थ अधिक पीते रहे।
दोपहर में गांव की गली चट्टी चौराहा कस्बा बाजार व प्रमुख सड़कों पर आवागमन काफी कम दिखा। ऐसा लगने लगा, जैसे आसमान से आग बरस रही हो। चिलचिलाती धूप व उमस भरी गर्मी से हर शख्स परेशान-सा नजर आया। मजबूरी में घर से निकलने वाले युवक-युवतियां रुमाल या तौलिया से चेहरा ढंककर ही सड़कों पर आए। आवागमन करने वाले वाहनों के इंतजार में चौराहों और तिराहों पर खड़े यात्री गर्मी से बेहाल रहे।
जिला संयुक्त चिकित्सालय के नवागत डॉ. पवन कश्यप ने बताया कि गर्मी के मौसम में जरा सी लापरवाही जानलेवा बन जाती है। तेज गर्मी में होने वाली बीमारी से शरीर में पानी की कमी होने पर ब्लड प्रेशर घटने से नब्ज ढीली पड़ जाती है और फिर जुबान सूखने से समय पर इलाज न मिलने पर हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है।
दिनभर में कम से कम 10 लीटर पानी पीएं और साथ में हर समय पानी की बोतल रखें। तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, खीरा, नारियल पानी सहित हल्की और पानी की मात्रा वाली चीजों का अधिक इस्तेमाल करें।
नेत्र चिकित्सक डॉ .अभिषेक विश्वकर्मा ने धूप से आंखों में आने वाली परेशानी को देखते हुए बताया कि आवागमन करते समय आंखों पर काला चश्मा लगाएं। जिससे आंख को राहत मिलेगी। तीखी धूप व उसम भरी गर्मी के बीच लोग पेड़ों और अन्य पुराने मकानों में अपने शरीर को राहत देने के लिए छांव की तलाश करते दिखे। सुबह आसमान में हल्के बादल दिखे, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही तीखी धूप व उमस ने लोगों को बेचैन कर दिया।
लोगों को घरों के अंदर न सुकून मिल रहा था न ही बाहर। भीषण गर्मी के कारण लोगों का गला सूख जा रहा था। प्यास बुझाने के लिए लोग कोल्ड ड्रिक, सिरफल व नीबू पानी व अन्य तरल पदार्थ अधिक पीते रहे। दोपहर में गांव की गली चट्टी चौराहा कस्बा बाजार व प्रमुख सड़कों पर आवागमन काफी कम दिखा। ऐसा लगने लगा, जैसे आसमान से आग बरस रही हो। चिलचिलाती धूप व उमस भरी गर्मी से हर शख्स परेशान-सा नजर आया।
मजबूरी में घर से निकलने वाले युवक-युवतियां रुमाल या तौलिया से चेहरा ढंक कर ही सड़कों पर आए। आवागमन करने वाले वाहनों के इंतजार में चौराहों और तिराहों पर खड़े यात्री गर्मी से बेहाल रहे। जिला संयुक्त चिकित्सालय के नवागत डॉ पवन कश्यप ने बताया कि गर्मी के मौसम में जरा सी लापरवाही जानलेवा बन जाती है। तेज गर्मी में होने वाली बीमारी से शरीर में पानी की कमी होने पर ब्लड प्रेशर घटने से नब्ज ढीली पड़ जाती है और फिर जुबान सूखने से समय पर इलाज न मिलने पर हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है।
दिनभर में कम से कम 10 लीटर पानी पीएं और साथ में हर समय पानी की बोतल रखें। तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, खीरा, नारियल पानी सहित हल्की और पानी की मात्रा वाली चीजों का अधिक इस्तेमाल करें।