गंगा का जलस्तर पहुंचा 60.15 मीटर, बढ़ते पानी से डूबती जा रहीं घाटों की सीढ़ियां
गंगा के जलस्तर का बढ़ाव जारी है। शुक्रवार की शाम को जलस्तर बढ़ते हुए 60.15 मीटर पर पहुंच गया था। इसी के साथ गंगा के जलस्तर के बढ़ने की गति भी पांच सेमी प्रति घंटा हो गई। इससे नाविक अपनी नावों को सुरक्षित बांधने लगे हैं। दूसरी ओर जेट्टी को भी हटा लिया गया है।
गुरुवार की शाम तक हुई बारिश के चलते शुक्रवार को दिन भर गंगा का जलस्तर बढ़ता रहा। इससे पहले मंगलवार और बुधवार को जहां दो-दो सीढ़ियां डूब रही थीं, वहीं गुरुवार की रात में हुई जल में बढ़ोत्तरी से चार सीढ़ियां एक दिन में ही डूब गई हैं।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गुरुवार की रात 10 बजे 59.24 मीटर गंगा का जलस्तर था। वहीं शुक्रवार की शाम को जलस्तर 60.15 मीटर पर पहुंच गया था। गंगा के बढ़ाव की गति गुरुवार को जहां दो सेमी प्रति घंटा थी, वहीं शुक्रवार को सुबह आठ बजे के बाद पांच सेमी प्रति घंटा हो गई। गंगा में तेजी से हो रहे बढ़ाव से घाटों किनारे सतर्कता बरती जा रही है।
जेटी को हटाया, नावों को मजबूत रस्सियों से बांधा :
गंगा के जलस्तर में बढ़ाव को देखते हुए नाविक सतर्कता बरतने लगे हैं। गंगा में अस्सी, दशाश्वमेध पर लगे जेट्टी को हटा दिया गया है। वहीं नावों को मजबूत रस्सियों से बांधा जा रहा है। नाविक अजीत कुमार ने बताया कि पानी के बहाव में बड़ी नावों का दबाव छोटी नावों पर होता है। इससे उनके टूटने या उनकी रस्सियों के टूटने से बहने का खतरा रहता है। इसलिए उनको मजबूत रस्सियों में बांधा जाने लगा है।
वरुणा और असि का भी बढ़ा जलस्तर :
गंगा के जलस्तर के बढ़ने का असर वरुणा और असि नदी पर भी है। वरुणा का जलस्तर करीब दो फीट बढ़ गया है, वहीं असि में भी पानी का बहाव है। बारिश के चलते दोनों नदियों में कचरा और जलकुंभी खूब तैर रही हैं।