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आजमगढ़ में मूर्ति विसर्जन के दौरान भिड़े दो गुट, फायरिंग और लाठीचार्ज के बाद बिगड़े हालात

Sat, 21 Oct 2017 04:18 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, आजमगढ़
ब्यूरो/ अमर उजाला, आजमगढ़ Updated Sat, 21 Oct 2017 04:18 PM IST
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violence between two community in Azamgarh
भीड़ को समझाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो गुट के लोग आमने-सामने आ गए। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। यही नहीं महिलाओं पर भी जमकर लाठियां भाजीं। 
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घटना उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ की है। जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव दाउदपुर में शुक्रवार दोपहर प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो गुट आमने-सामने आ गए। आरोप है कि इस दौरान एक पक्ष की ओर से प्रतिमा के ऊपर फायरिंग कर दी गई, जिससे वो क्षतिग्रस्त हो गई। 
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झड़प के बाद दूसरे पक्ष के लोग और महिलाएं धरने पर बैठ गई। सूचना पर एसपी ग्रामीण के नेतृत्व में पहुंची कई थानों की पुलिस ने लोगों को समझाकर मामला शांत कराया। प्रतिमा विसर्जन के लिए जाने के बाद छेड़खानी को लेक गांव में फिर माहौल बिगड़ गया। 

इसके बाद पुलिस ने गांव के बगीचे में जमा महिला और पुरुषों पर लाठी चार्ज कर दिया। महिलाओं को भी दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया। घटना की कवरेज कर रहे पत्रकारों के साथ भी पुलिस ने अभद्रता की। मोबाइल और कैमरे छीनकर उसके फोटो डिलीट करा दिए गए। 

violence between two community in Azamgarh
मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
तनाव के मद्देनजर गांव में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है। एसआई समेत तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस के रवैये से गांव में आक्रोश की स्थिति है।
जीयनपुर को कोतवाली क्षेत्र के गांव दाउदपुर में शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे प्रतिमा विसर्जन का कार्यक्रम चल रहा था। 

श्रद्धालु गांव में प्रतिमा को घुमा रहे थे। इस दौरान गांव के ही दूसरे समुदाय के साथ उनकी तनातनी हो गई। आरोप है कि दूसरे पक्ष की ओर से किसी ने प्रतिमा के ऊपर फायरिंग कर दी, इससे प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो गई। मामले को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। 

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तीखी झड़प शुरू हो गई। प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने के विरोध में महिला और पुरुष धरने पर बैठ गए। सूचना के बाद कोतवाली पुलिस के साथ एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में कई थानों की फोर्स और क्यूआरटी भी मौके पर पहुंच गई। लोगों को समझा कर प्रतिमा को विसर्जन के लिए गुजारपार भेजा गया।

मामला शांत हो रहा था कि पता चला कि गांव में दूसरे पक्ष ने एक पक्ष की महिलाओं के साथ छेड़खानी कर दी है। इसपुर एसपी अजय साहनी फोर्स के साथ गांव में पहुंचे और बगीचे में बैठे महिला-पुरुषों के ऊपर लाठीचार्ज कर दिया। 

एसआई और दो सिपाही सस्पेंड

सभी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया और खदेड़ दिया गया। कुछ ही देर में गांव में सन्नाटा पसर गया। गांव में तनाव के मद्देनजर पुलिस और पीएससी तैनात कर दी गई है। कोतवाल को तीन दिन तक गांव में रहने को कहा गया है।

मौहाल बिगड़ने में लापरवाही मिलने पर एसआई जितेंद्र राम, और सिपाही कल्पनाथ और धमेंद्र को सस्पेंड कर दिया गया है। एसपी अजय साहनी ने बताया कि शुरुआती दौर में भी तीनों की ओर से लापरवाही मिली है। बाद में किसी ने गांव में छेड़खानी की अफवाह फैलाकर माहौल खराब करने के प्रयास किया था। स्थिति नियंत्रण में हैं। गांव में पुलिस और पीएसी तैनात हैं।

पत्रकारों से अभद्रता, फोटो डिलीट कराए

गांव में महिलाओं और पुरुषों पर लाठीचार्ज कर रही पुलिस की खवरेज करने पर एसपी की गारद में तैनात पुलिसकर्मी भड़क गए और उन्होंने पत्रकारों के साथ ही अभद्रता शुरू कर दी। कैमरे और मोबाइल छीनकर उनके फोटो डिलीट करा दिए गए। मारपीट करने की धमकी दी गई। पुलिस के इस रवैये से गांव में काफी आक्रोश का माहौल रहा।
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