विहंगम : 25 हजार कुंडों में 19 देशों के डेढ़ लाख भक्तों ने डाली आहुती, 5 किमी तक गूंजते रहे मंत्र; जानें खास
Varanasi News : वाराणसी के उमरहां स्थित स्वर्वेद मंदिर परिक्षेत्र में विहंगम योग के शताब्दी समारोह में लाखों भक्तों का जुटान हुआ। वेद मंत्र से पूरा इलाका गुंजायमान हो रहा था। बीच-बीच में प्रभु के जयकारे लग रहे थे। सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे।
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ओजस वेद मंत्रों से पांच किलोमीटर का इलाका गुंजायमान हो रहा था। 25 हजार कुंडों पर एक साथ देश के कई राज्यों के साथ 19 देशों के डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने विश्व शांति की कामना से आहुतियां अर्पित कीं। 350 एकड़ परिसर में चारों वेदों के मंत्र गूंजते रहे। यज्ञ वेदी से निकल रहे धुएं से आसपास के पांच किलोमीटर की परिधि में गांवों का संपूर्ण वातावरण सुवासित हो उठा।
उमरहां स्थित स्वर्वेद मंदिर परिक्षेत्र में विहंगम योग के शताब्दी समारोह में मिनी कुंभ का नजारा था। मंच से सद्गुरु स्वतंत्र देव महाराज और संत प्रवर विज्ञान देव महाराज के निर्देशन में विहंगम योगियों ने पूजन व यज्ञ आरंभ किया। 40 मिनट तक चले हवन-पूजन के दौरान वेदलक्षणा गाय के 11 टन घी, हिमालय की 150 टन जड़ी-बूटियों और 250 टन यज्ञ समिधा से आहुतियां अर्पित की गईं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह 9:50 बजे हेलीकॉप्टर से स्वर्वेद मंदिर पहुंचे। सद्गुरु आचार्य स्वतंत्र देव और संत प्रवर विज्ञान देव महाराज के साथ उन्होंने मंदिर के दर्शन किए।
इसके बाद संत प्रवर विज्ञान देव महाराज के निर्देशन में संचालित सद्गुरु सदाफल देव आप्त वैदिक गुरुकुलम् के नवविस्तार का उद्घाटन किया। गुरुकुलम् के 300 बटुकों से मुलाकात की और आर्थिक रूप से विपन्न बच्चों को पारितोषिक स्वरूप वस्त्र प्रदान किया। इसके बाद मुख्यमंत्री 25 हजार कुंडीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ के मंच पर पहुंचे।
आचार्य स्वतंत्र देव महाराज ने अंगवस्त्रम से सम्मान किया और संत प्रवर विज्ञानदेव महाराज ने स्वर्वेद मंदिर का स्मृति चिह्न प्रदान किया।
ग्लोबल वार्मिंग को रोकने का सशक्त माध्यम है यज्ञ
यज्ञानुरागियों को संबोधित करते हुए संत प्रवर विज्ञान देव महाराज ने कहा कि यज्ञ भारतीय संस्कृति का प्राण है। यज्ञ श्रेष्ठतम शुभ कर्म है। यज्ञ का अर्थ है त्याग भाव। यज्ञ मैं और मेरा से ऊपर उठकर विश्व शांति का मार्ग प्रशस्त करता है। महाराज ने कहा कि यज्ञ श्रेष्ठ मनोकामनाओं की पूर्ति और पर्यावरण शुद्धि का भी साधन है। यज्ञ का धुआं डीजल या पेट्रोल का धुआं नहीं है। यह आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का लाभकारी धुआं है जिससे स्वास्थ्य और पर्यावरण शुद्धि दोनों का लाभ होता है।
यज्ञ आज हो रहे ग्लोबल वॉर्मिंग को रोकने का यह एक सशक्त माध्यम है। यज्ञ के बाद मन की शांति व आध्यात्मिक उत्थान के लिए नए जिज्ञासुओं को ब्रह्मविद्या विहंगम योग के क्रियात्मक ज्ञान की दीक्षा दी गई। नए जिज्ञासुओं ने ब्रह्मविद्या विहंगम योग के क्रियात्मक ज्ञान की दीक्षा को ग्रहण कर अपने जीवन का आध्यात्मिक मार्ग प्रशस्त किया।
18वें और 19वें ग्रंथ का हुआ लोकार्पण
सायंकालीन सत्र में विविध संस्कृतिक कार्यक्रमों और आध्यात्मिक भजनों की प्रस्तुति हुई। संत प्रवर विज्ञान देव महाराज की दिव्यवाणी जय स्वर्वेद कथा की ज्ञान गंगा से नि:सृत 18वें और 19वें ग्रंथ का लोकार्पण हुआ।
कल्याणकारी योजनाओं से गरीबों का भला, योगी ने कड़े और बड़े फैसले लिए : आचार्य स्वतंत्र देव
स्वर्वेद मंदिर के आचार्य स्वतंत्र देव महाराज ने कहा कि धर्म नीति पर चलने वाला योगी ही जनता के लिए उपयोगी है। सबसे बड़े प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में योगी ने अनेक कार्य किए हैं। कल्याणकारी योजनाओं से गरीबों का भला कर रहे हैं। कई कड़े और बड़े फैसले लिए हैं। इससे समाज के सभी समुदायों और वर्गों में लोकप्रियता बढ़ी है। विहंगम योग संत-समाज से मुख्यमंत्री का एक आत्मिक नाता-सा जुड़ गया है।
वह विहंगम योग के शताब्दी समारोह में श्रद्धालुओं और शिष्यों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि स्वर्वेद ट्रस्ट गो-सेवा को आगे बढ़ा रहा है। निशुल्क शिक्षा और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है। महिला सशक्तीकरण को प्रमुखता में रखा गया। सामूहिक भंडारे के माध्यम से मानव उत्थान के कार्य किए जा रहे हैं।
संत प्रवर विज्ञान देव महाराज ने कहा कि काशी पहले से ही देश की सांस्कृतिक राजधानी रही है। अब स्वर्वेद मंदिर काशी की शोभा में चार चांद लगा रहा है। भारतीय संस्कृति विश्व की आदि संस्कृति है। गोरक्षपीठाधीश्वर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सर्वोत्तम प्रदेश बनता जा रहा है। विकास कार्यों के साथ कानून व्यवस्था बेहतर हुई है। देश के दूसरे राज्यों के लोग अब योगी मॉडल अपनाने की मांग करने लगे हैं।