ग्राउंड रिपोर्ट: बारिश में कच्चे काम पर रोक, फिर भी लगा रहे हाजिरी, ऐसे रोजगार देने में नंबर 1 बना आजमगढ़
आजमगढ़ जिले में वीबीजी-रामजी के आंकड़ों में खेल चल रहा है। फर्जी हाजिरी से आजमगढ़ प्रदेश में नंबर एक पर है। बारिश में बीडीओ फर्जी हाजिरी को स्वीकृति देकर भुगतान करते रहे। हैरान करने वाली बात तो ये है कि आइरिस स्कैन का भी तोड़ निकाल लिया गया है।
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आजमगढ़ में विकास की अंधी दौड़ में जिम्मेदार नियमों को ताक पर रखते दिख रहे हैं। जिले में गरीबों को रोजगार देने के नाम पर बारिश के बीच पानी से लबालब भरे पोखरों की खोदाई के फर्जी आंकड़े तैयार किए जा रहे हैं। बारिश के दौरान भी बीडीओ तकनीकी और वित्तीय स्वीकृति देकर भुगतान कर रहे हैं। इसका नतीजा है कि जॉबकार्ड धारकों को रोजगार देने के मामले में आजमगढ़ पिछले कई दिनों से प्रदेश में पहले स्थान पर बना हुआ है।
शुक्रवार को वीबीजी-रामजी एप पर जारी प्रदेश की सूची में जॉबकार्ड धारकों को रोजगार देने के मामले में आजमगढ़ पहली पायदान पर रहा। हरदोई दूसरे, मैनपुरी तीसरे, गाजीपुर चौथे और फिरोजाबाद पांचवें स्थान पर रहा। जिले में जॉबकार्ड धारकों को रोजगार देने का हाल यह है कि बेरोकटोक मस्टररोल जारी किए जा रहे हैं। जिन पोखरों में पानी भरा है, वहां भी कागजों में खोदाई दर्शाई जा रही है। इसके अलावा चकमार्ग, बाहा और नाला खोदाई तथा चकबंध निर्माण जैसे मिट्टी के कार्य भी जारी हैं। इनकी न तो ब्लॉक स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग हो रही है और न ही जिला स्तर पर।
पोखरों में पानी, इधर होता रहा भुगतान
ठेकमा विकास खंड की बकेश ग्राम पंचायत में बाबा सुभाष दासनाथ अमृत सरोवर की खोदाई कागजों में दर्शाई गई है। मौके पर मिट्टी की खोदाई के कोई निशान नहीं मिले और पोखरा पानी से लबालब भरा है। इसके बावजूद ब्लॉक प्रशासन की ओर से दो सितंबर को चार एफटीओ (फंड ट्रांसफर ऑर्डर) के जरिए 26 श्रमिकों का भुगतान किया गया। पहले और दूसरे एफटीओ से 10-10 श्रमिकों को 24-24 हजार रुपये, तीसरे से नौ श्रमिकों को 23,700 रुपये और चौथे से सात श्रमिकों को 16,800 रुपये का भुगतान किया गया। इसी तरह असवनिया ग्राम पंचायत में नेउर पोखरा, नहर के बगल और हरिशंकर के चक के पास स्थित पोखरों की खोदाई के नाम पर 32 एफटीओ के जरिए चार लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है।
जहानागंज के दौलताबाद में लबालब पोखरा, उतर गए तीन लाख
जहानागंज विकास खंड की दौलताबाद ग्राम पंचायत में पिंटू सिंह के खेत के बगल में पोखरी की खोदाई कागजों पर दिखाई गई है। मौके पर पोखरी बारिश के पानी से लबालब है और ओवरफ्लो हो रही है। इसके बावजूद मस्टररोल चल रहा है। इस पर 19 अगस्त को 18 एफटीओ के जरिए तीन लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया गया। वर्तमान में चल रहे मस्टररोल के 15 दिन पूरे होने के बाद ब्लॉक प्रशासन अग्रिम भुगतान की कार्रवाई में जुटा है।
वीबीजी-रामजी के कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए ब्लॉक मुख्यालय से लेकर विकास भवन तक सेल बनाए गए हैं। यहां अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी और ऑपरेटर तैनात हैं, जो कार्यों की निगरानी करते हैं। इसके बावजूद जिले में चल रहे कथित फर्जी कार्यों की न तो प्रभावी मॉनिटरिंग हो पा रही है और न ही उन पर रोक लग रही है।
ग्राम पंचायत बेलवाई में अलीनगर माइनर से चकमार्ग तक नाली की खोदाई और सफाई का कार्य कागजों में दर्शाया गया है। मौके पर नाली घास-फूस और झाड़ियों से पटी मिली। इससे कार्य की प्रगति और अभिलेखों में दर्ज दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण नाली घास-फूस से भर गई है। ग्राम पंचायत अधिकारी लालजी ने बताया कि बृहस्पतिवार को मस्टररोल निकला है। जल्द ही नाली की खोदाई और सफाई का कार्य शुरू कराया जाएगा।
अधिकारी बोले
बारिश के दौरान कच्चे कार्य अमूमन बंद रहते हैं, क्योंकि खेत से लेकर पोखरों तक पानी भरा रहता है। आजमगढ़ में पानी भरे पोखरों में खोदाई का प्रकरण सामने आया है। तीनों जिलों के उपायुक्त को पत्र लिखा जाएगा कि ऐसे मामलों की जांच कराकर कार्रवाई सुनिश्चित करें। -रामबाबू त्रिपाठी, संयुक्त विकास आयुक्त, आजमगढ़ मंडल