पशु तस्करी मामले में थाना प्रभारी हुए लाइनहाजिर, तस्करों के साथ 'सेटिंग' का ऑडियो हुआ था वायरल
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माना जा रहा है कि जल्द ही अन्य पुलिसकर्मियों पर गाज गिरेगी। एसएसपी के कारवाई से हाइवे पर पशुतस्करी में लिप्त कर्मियों में हड़कंप मचा है। वाराणसी में पुलिस के संरक्षण में गोवंश और मवेशियों की तस्करी कर उन्हें पश्चिम बंगाल तक पहुंचाया जा रहा है।
हाइवे के किनारे के मिर्जामुराद और रोहनिया थाने के साथ ही अमरा अखरी, रमना व भीटी पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों की कार्यशैली गंभीर सवालों के घेरे में है। सोमवार को मिर्जामुराद थाने के एक सिपाही और तस्करों के लेनदेन की बातचीत की ऑडियो क्लिप व्हाट्स ऐप पर वायरल हुई तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। प्रकरण के संबंध में एसएसपी ने बुधवार की देर रात मिर्जामुराद थाना प्रभारी विश्वजीत प्रताप सिंह को लाइनहाजिर कर दिया।
क्या कहा गया था वायरल ऑडियो में..?
मीडिया को भनक लगने पर सभी खजुरी पुलिस चौकी के समीप पहुंचे और ट्रक व मवेशियों की फोटो खींचने लगे। यह देख पुलिस नेे आननफानन में मामले का पटाक्षेप करते हुए 61 मवेशियों के साथ तीन आरोपियों की गिरफ्तारी दिखा दी। आरोपियों में औरेया जिले के जमालशाह के शोएब अली और कौशांबी जिले के पुरामुफ्ती के हटवा उपरहार के मोहम्मद यासीन व मंझनपुर के मोहम्मद शमीम शामिल हैं। ऑडियो क्लिप वायरल होने के कारण मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में भी आ गया।
थाने को प्रति माह पांच लाख, चौकी को 50 हजार
तस्करों की शर्तों का पालन करती है पुलिस