वाराणसी: काम से नाराज महापौर बोलीं- स्मार्ट सिटी वाले गुंडाराज न बनाएं
महापौर मृदुला जायसवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में उन्होंने रुद्राक्ष और स्मार्ट सिटी का एग्रीमेंट सदन को उपलब्ध कराने के लिए कहा। गहमागहमी के बीच नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में पांच प्रस्ताव पास हुआ।
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वाराणसी में गहमागहमी के बीच नगर निगम की मंगलवार को कार्यकारिणी की बैठक हुई। महापौर मृदुला जायसवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में कार्यकारिणी के सदस्यों ने नगर आयुक्त प्रणय सिंह से कई मुद्दों पर जवाब मांगा। तकरीबन सवा दो घंटे चली बैठक में स्मार्ट सिटी के तहत शहर में होने वाले काम पर चर्चा की गई। इस दौरान पांच प्रस्ताव पास हुए। सदस्यों ने स्मार्ट सिटी के तहत रुद्राक्ष कंवेंशन सेंटर के एग्रीमेंट की कॉपी सदन को उपलब्ध कराए जाने की मांग की। साथ ही रुद्राक्ष से होने वाली आय पर निगम का क्या अधिकार है, इस बारे में भी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है।
इसके अलावा जहां जहां स्मार्ट सिटी काम कर रही है वहां-वहां नगर निगम के सामान्य और जलकल विभाग को लगाया जाए। ताकि स्मार्ट सिटी का जब काम समाप्त हो जाएगा तो रखररखाव की जिम्मेदारी सामान्य और जलकल की होगी। ऐसी स्थिति में किसी प्रकार की दिक्कत न होने पाए। नकल विभाग में रेट बोर्ड लगाने के साथ वहां कैमरा लगवाने को भी कहा गया। नगर निगम की संपत्तियों का ब्योरा भी मांगा गया है।
सदस्यों ने कहा कि नगर निगम की वार्डवार संपत्तियों का ब्योरा दें। नगर निगम की संपत्तियों पर धार्मिक स्थल, धर्मशालाएं हैं। वर्तमान में संपत्ति की क्या स्थिति है। इसका भी उल्लेख किया जाए। बैठक के बीच नगर आयुक्त को आवश्यक कार्य से बाहर जाना पड़ा। जिसके चलते वे अपना प्रभार अपर नगर आयुक्त देवीदयाल वर्मा को देकर निकल गए। बैठक में कार्यकारिणी सदस्यों में उपसभापति नरसिंह बाबा, सीताराम केसरी, शिवप्रकाश मौर्य, मनोज यादव, भैयालाल यादव, वकास अंसारी, रियाजुददीन, विजयश्री, रविंद्र सिंह, राजेश केसरी, बबलू शाह शामिल रहे।
अनावासीय भवनों से 2019 से लिया जाए टैक्स
कार्यकारिणी की बैठक में सदस्यों ने प्रस्ताव पास किया कि 2014 से जो अनावासीय भवनों से टैक्स और ब्याज लिया जा रहा है, वह लिपिकीय त्रुटि के चलते ऐसा हुआ है। आवासीय भवनों से टैक्स 2014 के बजाय 2019 से लिया जाए। जिन लोगों की गलती से आम जनता को अनावश्यक परेशानी से गुजरना पड़ा। उन पर कार्रवाई की जाए। इससे सदन को अवगत कराया जाए।
काम से नाराज महापौर बोलीं, स्मार्ट सिटी वाले गुंडाराज न बनाएं
कार्यकारिणी कक्ष में पार्षदों की ओर से स्मार्ट सिटी के कार्यों पर सवाल उठाए गए। पार्षदों ने स्मार्ट सिटी की करतूत को उजागर किया। काम से नाराज महापौर ने वहां मौजूद अधिकारियों से कहा कि प्रशासन और पीएमओ की बात बताकर ये अपना एकछत्र राज चला रहे हैं। इनके चलते भुगतना नगर निगम और जलकल को पड़ता है।
पाइप ये तोड़ेंगे और जलकल को बनवाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी वाले गुंडाराज न बनाएं। यह बहुत बड़ा शब्द मैं बोल रही हूं। इस पूरी घटनाक्रम का एक वीडियो भी वायरल हुआ है। उधर, वायरल वीडियो पर महापौर का कहना है कि मेरे कहने का आशय शहर के विकास को गति देना था। पूरा वीडियो सुनने पर आशय स्पष्ट हो जाएगा।