वाराणसी: सिपाही पर फायरिंग के आरोपी के घर चल रही थी मिनी गन फैक्ट्री, बाप-बेटे समेत दो गिरफ्तार; मशीनें बरामद
वाराणसी में लंका पुलिस ने सामने घाट स्थित शिवाजी नगर कॉलोनी के एक मकान में चल रही अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने पिता-पुत्र समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मौके से भारी मात्रा में पिस्टल, कारतूस और अवैध हथियार बनाने वाली मशीनें बरामद हुई हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
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कमिश्नरेट वाराणसी के थाना लंका क्षेत्र की पुलिस ने सामनेघाट के शिवाजी नगर कॉलोनी में छापा मारकर अवैध शस्त्र निर्माण रैकेट का भंडाफोड़ किया है। मिनी गन फैक्ट्री से भारी मात्रा में बने-अधबने हथियार, कारतूस और इन्हें तैयार करने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं। पिता पुत्र समेत तीन आरोपियों को लंका पुलिस ने गिरफ्तार किया। पिता विमल कांत और बेटा अंजनी नंदन झा फैक्ट्री संचालित कर रहे थे।
डीसीपी काशी गौरव बंशवाल ने बताया की थाना लंका पुलिस को पूर्व में हुई फायरिंग की घटनाओं के संबंध में असलहा तस्करों और उनके ठिकानों के बारे में गुप्त सूचना मिल रही थी। इसी कड़ी में प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा द्वारा मुख्य आरोपी अंजनी नंदन झा के मोबाइल नंबर के सीडीआर का गहनता से अवलोकन किया। संदिग्ध नंबर की लोकेशन और बातचीत के आधार पर जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो इस अवैध कारखाने का राज खुला।
सिपाही अमित शुक्ला पर फायरिंग मामले में अंजनी नंदन झा आरोपी है। लंका पुलिस ने एक दिन पूर्व मुठभेड़ में आरोपी को गिरफ्तार किया है।
कहां और कैसे चल रहा था कारोबार?
पुलिस टीम ने बताए गए ठिकाने—शिवाजी नगर कॉलोनी, सामने घाट, लंका स्थित एक मकान की दूसरी मंजिल पर छापा मारा। जांच के दौरान वहां अवैध असलहे बनाने और स्टोर करने का बड़ा जखीरा मिला। पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी अंजनी नंदन झा और उसके साथी इस मकान में अवैध हथियारों का निर्माण कर शहर के विभिन्न हिस्सों में मोटी रकम पर बेचते थे। इस अवैध कारोबार में लालच में आकर आरोपी के पिता भी मदद करते थे। गिरफ्तार विमल कांत झा निवासी शिवाजी नगर कॉलोनी, सामने घाट, लंका, अमन कुमार मिश्रा निवासी अशोक पुरम कॉलोनी, डाफी, लंका और मूल निवासी देवरिया) है।
भारी मात्रा में हथियार और निर्माण सामग्री जब्त की गई है। 3 देसी पिस्टल (.32 बोर), 65 जिंदा कारतूस (.32 बोर), 40 जिंदा कारतूस (.315 बोर), 30 जिंदा कारतूस (.45 बोर), अन्य 8 जिंदा कारतूस और 24 खोखा कारतूस। 19 अदद अर्धनिर्मित देसी तमंचे,15 अर्धनिर्मित और 5 अर्धनिर्मित मैगजीन।
वेल्डिंग मशीनें (इनवर्टर व अन्य), हैंड ग्राइंडर, पिलर ड्रिल मशीन, डाई ग्राइंडर, हरें रंग की ड्रिल मशीन, वर्नियर कैलिपर, ब्यूटेन गैस सिलेंडर, एलपीजी ब्लो टॉर्च, ग्राइंडिंग व्हील, आरी, रेती, हथौड़े, पेचकस, ड्रिल बिट्स और लोहे के विभिन्न आकार के टुकड़े व पट्टियां शामिल है।