यूपी: पीलीभीत वोटर लिस्ट में गड़बड़ी, चुनाव आयोग ने दो ईआरओ को निलंबित करने का दिया आदेश, एफआईआर
पीलीभीत की मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के मामले में चुनाव आयोग ने दो निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निलंबित करने का निर्देश दिया है। आयोग ने एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 198 जोड़ने को कहा है। जांच में 10,470 मतदाता प्रविष्टियों में अनियमितताएं सामने आई थीं।
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उत्तर प्रदेश की पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के मामले में चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है। आयोग ने दो निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश दिया है। साथ ही उनके आरोपपत्र जांच के लिए आयोग को भेजने और उसकी पूर्व अनुमति के बिना उन्हें बहाल नहीं करने को कहा है।
चुनाव आयोग ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा को भेजे पत्र में यह निर्देश दिया। आयोग ने दोनों अधिकारियों और मतदाता पंजीकरण केंद्र के कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार के खिलाफ पहले से दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 198 जोड़ने का भी निर्देश दिया है। आयोग ने मामले में सख्ती से कार्रवाई करने को कहा है।
10,470 मतदाता प्रविष्टियों में मिली गड़बड़ी
यह मामला पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र संख्या 127 में मतदाता सूची से जुड़ी 10,470 प्रविष्टियों में कथित अनियमितताओं की जांच के बाद सामने आया। जांच में पता चला कि एक कंप्यूटर सहायक ने ईसीआईनेट पोर्टल पर लॉगिन आईडी का कथित दुरुपयोग कर 31 मई से 29 अगस्त के बीच मतदाता विवरण में संशोधन के लिए फॉर्म-8 के 13,779 आवेदन दर्ज किए थे। इनमें से 10,470 आवेदन स्वीकार किए गए, जबकि 3,309 खारिज कर दिए गए।
हैरानी की बात यह रही कि इन आवेदनों से जुड़े फॉर्म और सहायक दस्तावेज संबंधित कार्यालय में नहीं मिले। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेरफेर के आरोप लगाए थे।
प्रदेशभर में कंप्यूटर सहायकों की लॉगिन आईडी निष्क्रिय करने के निर्देश
मामले के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतदाता पंजीकरण केंद्रों पर तैनात कंप्यूटर सहायकों की ईसीआईनेट पोर्टल लॉगिन आईडी निष्क्रिय कराने के निर्देश दिए थे। संबंधित ईआरओ से इसकी पुष्टि कराने को भी कहा गया।
इसके अलावा पीलीभीत मामले में कथित तौर पर शामिल आउटसोर्स कंप्यूटर सहायक की सेवाएं तत्काल समाप्त करने का निर्देश संबंधित फर्म को दिया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारियों को सभी विधानसभा क्षेत्रों में की गई कार्रवाई का व्यक्तिगत सत्यापन कर अनुपालन रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को भेजने को कहा गया है।