UP News: बेमौसम बारिश से यूपी में सबसे ज्यादा वाराणसी में फसल बर्बाद, 23 हजार से अधिक किसानों का डाटा अपलोड
बारिश और ओलावृष्टि से यूपी के 10 जिलों में फसलों को नुकसान हुआ है। इसमें वाराणसी में किसानों को ज्यादा क्षति हुई। जिले में 23 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में गेहूं, चना, मटर, सरसों और सब्जियों की क्षति हुई।
विस्तार
मार्च और अप्रैल में हुई बेमौसम बारिश से उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा नुकसान वाराणसी में फसलों को हुआ है। किसानों को फसल नुकसान का मुआवजा प्रति हेक्टेयर आठ हजार रुपये की दर से दिया जाएगा। वहीं अप्रैल में हुई बारिश और ओलावृष्टि से क्षति का सर्वे रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।
सर्वे रिपोर्ट के अनुसार बारिश और ओलावृष्टि से 10 जिलों में फसलों को नुकसान हुआ है। इसमें वाराणसी किसानों को ज्यादा क्षति हुई। जिले में 23 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में गेहूं, चना, मटर, सरसों और सब्जियों की क्षति हुई। राज्य आपदा मोचक निधि के नियमों के तहत किसानों को प्रति हेक्टेयर आठ हजार रुपये मुआवजा मिलेगा।
58393 किसान प्रभावित
राजस्व विभाग की सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक एक अप्रैल को हुई बारिश में 10 हजार 531 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 55 से 60 प्रतिशत तक फसलों को नुकसान हुआ। इससे पहले 19, 21, 30 और 31 मार्च को तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि से 13 हजार 112 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 70 प्रतिशत तक फसलों को नुकसान हुआ था। इसमें 58393 किसान प्रभावित हुए।
एक अप्रैल को हुई तेज बारिश में 473 हेक्टेयर में चने की फसल, 396 हेक्टेयर में मटर, 210 हेक्टेयर में मसूर, 411 हेक्टेयर में सरसों, 21 हेक्टेयर में जौ, 200 हेक्टेयर में आलू की फसल प्रभावित हुई प्राकृतिक आपदा से किसानों को राहत के लिए दो अप्रैल तक वाराणसी जिले के 23 हजार 885 किसानों का डाटा अपलोड किया गया। इसमें सदर तहसील के 6126, पिंडरा के 12705 और राजातालाब के 5051 किसान शामिल हैं।
ये भी पढ़ें: आकांक्षा दुबे की मां को अनहोनी की आशंका, कहा- कुछ हुआ तो समर सिंह और संजय होंगे जिम्मेदार
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संजय कुमार ने कहा कि मार्च और अप्रैल में हुई बारिश से किसानों की फसलों के नुकसान का आकलन कर डाटा वेबसाइट पर अपलोड किया जा रहा है। जल्द ही किसानों के खाते में मुआवजे की राशि भेजी जाएगी।