काशी की बेटियों ने रच दिया नया इतिहास, नाग पंचमी पर फेरी गदा और दिखाया दमखम
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नागपंचमी के दिन अखाड़ों में कुछ अलग ही रौनक नजर आई। काशी की बेटियों ने गदा, जोड़ी और डंबल फेरकर एक नया इतिहास रच दिया। भारी भरकम गदा को फेरने में लड़कों को सोचना पड़ता है, ऐसे में राजेश्वरी और भावना ने उसको तीन सौ से ज्यादा बार फेरा। राजेश्वरी सिंह ने 374 हाथ गदा घुमाकर पहला स्थान हासिल किया तो वहीं भावना 354 हाथ गदा घुमाकर दूसरे स्थान पर रहीं।
जिला कुश्ती संघ की पहल पर संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में दर्शकों से भरे रेसलिंग हाल के बाहर 50 से ज्यादा महिला पहलवान गदा-जोड़ी फेरने से लेकर कुश्ती दंगल में उतरकर एक नई शुरूआत की। जोड़ी प्रतियोगिता में रेणुका ने 184 हाथ घुमाकर पहले स्थान पर कब्जा जमाया।
प्रीति सिंह ने 165 हाथ घुमाकर दूसरा स्थान हासिल किया। डंबल प्रतियोगिता में निधि को पहला, प्रीति को दूसरा स्थान मिला। कुश्ती में प्रीति सिंह ने अर्चना प्रजापति को चित कर महिला वर्ग का खिताब अपने नाम किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि अखिल भारतीय कुश्ती संघ के संयुक्त सचिव संजय सिंह बबलू और विशिष्ट अतिथि मनोहर पहलवान और केके बाबुल रहे।
परंपरा को पटखनी :
दो साल पहले नागपंचमी पर बेटियों ने मिट्टी में सनकर कुश्ती के दांव-पेंच दिखाकर अखाड़ों पर सिर्फ और सिर्फ लड़कों का दावा खत्म किया था। इसके बाद 478 साल पुराने अखाड़ा तुलसीदास ने अपनी परंपरा को तोड़ते हुए महिला पहलवानों को अपने यहां कुश्ती लड़ने की अनुमति दी थी। इस बार उससे भी आगे जाकर बेटियां गदा, जोड़ और डंबल फेरती नजर आईं।