Varanasi Dalmandi Project: वीडीए को दो हफ्ते में निर्णय लेने का आदेश, अवमानना याचिका निस्तारित; जानें अपडेट
Varanasi News: दालमंडी सड़क चौड़ीकरण मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका निस्तारित करते हुए वीडीए को याचियों के जवाब पर दो सप्ताह में निर्णय लेने का निर्देश दिया। याचियों ने बिना अधिग्रहण और मुआवजा दिए मकान-दुकान तोड़े जाने की आशंका जताई थी। अदालत ने नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा।
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Dalmandi Varanasi: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण के लिए मकान और दुकान ध्वस्तीकरण से जुड़े मामले में दाखिल अवमानना याचिका निस्तारित कर दी है। कोर्ट ने साथ ही वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) के सचिव को याचियों की ओर से दिए गए जवाब पर दो सप्ताह के भीतर अंतिम निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने गुल महक जोहरा और एक अन्य की ओर से दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। याचियों का कहना था कि दालमंडी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण योजना के तहत उनके मकानों और दुकानों को बिना अधिग्रहण और मुआवजा दिए ध्वस्त किए जाने की आशंका है।
इस मामले में याचियों ने वर्ष 2025 में हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की थी। उस दौरान राज्य सरकार की ओर से कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल कर आश्वासन दिया गया था कि प्रभावित संपत्तियों का अधिग्रहण आपसी सहमति, वैधानिक प्रक्रिया अथवा भूमि अधिग्रहण कानून-2013 के तहत किए बिना न तो कब्जा लिया जाएगा और न ही निर्माण गिराए जाएंगे। सुनवाई के दौरान वाराणसी के जिलाधिकारी का व्यक्तिगत हलफनामा भी न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
याचियों की ओर से अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि वीडीए ने 17 अप्रैल 2026 को नोटिस जारी किया था, जिसका जवाब 12 मई 2026 को दे दिया गया है। वहीं राज्य सरकार की ओर से मुख्य स्थायी अधिवक्ता ने तर्क दिया कि वीडीए मूल रिट याचिका में पक्षकार नहीं था और उसके खिलाफ कोई विशेष आदेश भी पारित नहीं हुआ था, इसलिए अवमानना का मामला नहीं बनता।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि चूंकि याचियों ने वीडीए के नोटिस का जवाब दाखिल कर दिया है, इसलिए प्राधिकरण नियमानुसार उस पर विचार करते हुए अंतिम निर्णय ले। इसके साथ ही अदालत ने अवमानना याचिका निस्तारित कर दी।