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सावधान: हाई ब्लड प्रेशर से फट रही हैं आंखों की नसें, बीएचयू में हर महीने आ रहे 100 से ज्यादा मरीज

Thu, 10 Sep 2026 12:01 PM IST
Pragati Chand रबीश श्रीवास्तव, अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी।
रबीश श्रीवास्तव, अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Thu, 10 Sep 2026 12:01 PM IST
सार

हाई ब्लड प्रेशर का असर हृदय, किडनी सहित शरीर के अन्य भागों की तुलना में आंखों पर ज्यादा तेजी से देखने को मिलता है। बीएचयू अस्पताल में हर महीने इस बीमारी से ग्रसित 100 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। 

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High blood pressure causing eye blood vessels to burst BHU sees over 100 patients every month in varanasi
हाई बीपी बना आंखों का दुश्मन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हाई ब्लड प्रेशर अब हृदय ही नहीं, आंखों को भी नुकसान पहुंचा रहा है। आंखों की नसों में खून का प्रवाह बंद हो जा रहा है। नसें फट रही हैं। चिकित्सकीय भाषा में इसको हाइपरटेंसिव रेटिनोपैथी कहा जाता है। आईएमएस बीएचयू के क्षेत्रीय नेत्र संस्थान में हर महीने ऐसे 100 से ज्यादा मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं। इनमें 50 साल से ज्यादा उम्र वालों की संख्या 80 फीसदी है। 40 साल की उम्र वाले भी चपेट में आ रहे हैं।

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कुछ मरीज ऐसे हैं जिन्हें ब्लड प्रेशर की वजह से आंखों के नुकसान की जानकारी नहीं मिल पा रही है। जब तक डॉक्टर के पास पहुंचते हैं तब तक देर हो जाती है। सर्जरी करानी पड़ती है फिर भी आंखों की रोशनी चली जाती है। 
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डॉक्टरों के मुताबिक, हाई ब्लड प्रेशर का असर हृदय, किडनी सहित शरीर के अन्य भागों की तुलना में आंखों पर ज्यादा तेजी से देखने को मिलता है। इससे आंखों से जुड़ी नसों में खून की नलियों का प्रवाह पहले कम होता है। आगे चलकर नसों में खून जम जाता है। नसें फट जाती हैं। मरीज ओपीडी में आंखों में तेज दर्द, सिर में दर्द, सही रोशनी न होने की समस्या लेकर आते हैं लेकिन जांच के बाद पता चलता है कि उनका ब्लड प्रेशर सामान्य से बहुत ज्यादा है।

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मेडिसिन, नेफ्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी से रेफर होकर आते हैं मरीज
क्षेत्रीय नेत्र संस्थान बीएचयू के प्रो. दीपक मिश्रा ने बताया कि कुछ लोग सिर में दर्द और आंखों में रोशनी कम होने की समस्या लेकर ओपीडी में आते हैं। मेडिसिन विभाग, नेफ्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टर भी उन मरीजों को नेत्र रोग विभाग भेजते हैं जिनका ब्लड प्रेशर बढ़ा रहता है। जब जांच की जाती है तो मरीजों में हाइपरटेंसिव रेटिनोपैथी की पुष्टि होती है। हर ओपीडी में ऐसे 5 मरीजों रोज देखा जाता हैं। हाई ब्लड प्रेशर से आंखों की नसों में खून जमने और उसके फटने का डर रहता है।

जितने समय तक असामान्य रहेगा ब्लड प्रेशर, खतरा उतना ज्यादा
डॉक्टरों के अनुसार ब्लड प्रेशर जितना अधिक होगा और जितने लंबे समय तक बना रहेगा, आंखों को नुकसान होने का खतरा उतना अधिक रहता है। इसकी वजह से रेटिना को रक्त की आपूर्ति करने वाली धमनियों में रुकावट होने लगती है। रेटिना से रक्त को दूर ले जाने वाली नसों में भी रुकावट आ जाती है। इसी वजह से आंखों की नसें फटने लगती हैं।

सिकुड़ जाती हैं नलियां, बढ़ जाती है सूजन
आईएमएस बीएचयू के नेत्र रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. आरपी मौर्य ने बताया कि हाई ब्लड प्रेशर से रेटिना (आंख के पीछे रोशनी को पहचानने वाला पर्दा) की नलियां सिकुड़ जाती हैं। सूजन आ जाती है। खून का रिसाव होता है। इन नसों से खून नलियों के बाहर आने लगता है। आंखों की नसों को पर्याप्त खून न मिलने की वजह से ऑॅप्टिक नर्व को नुकसान पहुंच सकता है। इससे व्यक्ति के देखने की क्षमता कम हो जाती है। रोशनी जाने का खतरा भी रहता है।

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हाई ब्लड प्रेशर के पुराने पीड़ितों में खतरा सबसे ज्यादा
क्षेत्रीय नेत्र संस्थान के प्रो. आरपी मौर्य ने बताया कि हाई ब्लड प्रेशर के पुराने मरीजों को खतरा ज्यादा रहता है। उनके शरीर के अन्य अंगों की तुलना में आंख पर ज्यादा असर देखने को मिलता है। ब्लड प्रेशर संतुलित रखना चाहिए। डॉक्टर की सलाह पर जो सावधानी बताई जाए। बीएचयू अस्पताल के नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में आने वाले लोगों को मधुमेह और हाई बीपी की वजह से आंखों में होने वाली समस्याओं के प्रति जागरूक किया जाता है।

केस-1
मुगलसराय के 61 वर्षीय सीताराम को कई दिनों से कम दिखाई पड़ रहा था। आंखों में दर्द भी हो रहा था। पिछले सप्ताह बीएचयू नेत्र रोग विभाग आए और डॉक्टर को दिखाया तो पता चला कि ब्लड प्रेशर बढ़ने की वजह से इस तरह की समस्या आ रही है।

केस-2
बिहार के डेहरी आनसोन निवासी 52 वर्षीय जितेंद्र को सिर में तेज दर्द हुआ। उन्होंने पहले दर्द की दवाई खाई, जब नहीं आराम मिला तो डॉक्टर को दिखाया तो ब्लड प्रेशर बढ़ा होना पता चला। डॉक्टर ने एक बार नेत्र रोग विभाग में दिखाने की सलाह दी। यहां आने पर जांच हुई तो पता चला कि आंखों की नसों में खून जमा हो रही है। अब इलाज शुरू हुआ है।

ये है हाइपरटेंसिव रेटिनोपैथी
हाइपरटेंसिव रेटिनोपैथी हाईब्लड प्रेशर के कारण रेटिना की सूक्ष्म रक्त वाहिकाओं में परिवर्तन होने से होता है। बीपी बढ़ने से मैक्युला के आसपास कठोर स्राव दिखाई देता है। इसके अलावा ऑप्टिक तंत्रिका और मैक्युला में सूजन आ सकती है। इसका दुष्प्रभाव यह होता है कि पहले आंखों की रोशनी कमजोर होती है फिर पूरी तरह खराब हो जाती है।

हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण

  • आंखों से जुड़ी रक्त की धमनियों का सामान्य से ज्यादा पतला होना।
  • रेटिना पर रूई जैसे सफेद धब्बे का दिखना।
  • आंखों के सामने अंधेरा छा जाना, धुंधला दिखाई देना, काले धब्बे या पानी में तैरते कण दिखााई देना।
  • नसों के फटने से अचानक रोशनी का कम हो जाना, दोहरी दृष्टि।
  • आंखों में असहनीय दर्द, पूरी तरह से दृष्टि का चले जाना।
  • आंख पर दबाव अधिक पड़ना।
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