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वाराणसी में सीजेएम कोर्ट के लिपिक को जिला जज ने किया निलंबित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 23 Feb 2018 03:27 PM IST
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सिकरौरा कांड की वादिनी के बेटे ने जिला जज, एडीजे तृतीय और एमएलसी बृजेश सिंह के खिलाफ दिया था
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वाराणसी में सीजेएम कोर्ट के लिपिक सर्वदेव चौबे को जिला जज दिनेश कुमार शर्मा ने निलंबित कर दिया। सर्वदेव पर आरोप है कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 (3) के तहत सीजेएम कोर्ट में आए प्रार्थनापत्र में पीठासीन अधिकारी के दस्तखत बगैर ही उस पर अगली तिथि नियत कर दी गई। साथ ही प्रार्थनापत्र की प्रतिलिपि कैंट थाने के पैरोकार को आख्या देने के लिए दे दी गई।
पीठासीन अधिकारी के अनुसार उनके विश्राम कक्ष में रखे प्रार्थनापत्र को निकाल कर यह काम किया गया है। ऐसा करना गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है। प्रकरण की जांच कर अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ डॉ. अशोक कुमार सिंह एक माह में रिपोर्ट जिला जज को देंगे। अब सर्वदेव का काम देखने के लिए मनोज कुमार श्रीवास्तव को तैनात किया गया है।
सीजेएम कोर्ट में बुधवार को सिकरौरा नरसंहार कांड की वादिनी हीरावती देवी के बेटे दिनेश कुमार यादव ने प्रार्थनापत्र दिया था। इसमें जिला जज, एडीजे तृतीय राजीव कमल पांडेय और एमएलसी बृजेश सिंह के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कर विवेचना कराने की मांग की गई थी। दिनेश का आरोप था कि बृजेश सिंह के प्रभाव में आकर एडीजे तृतीय और जिला जज सिकरौरा नरसंहार कांड की सुनवाई में पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहे हैं।
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दिनेश के प्रार्थनापत्र पर बाएं तरफ ऊपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट की मुहर लगाई गई और लिखा गया कि रजिस्टर... संबंधित पुलिस स्टेशन छह मार्च 2018 को रिपोर्ट दे। इसके साथ ही प्रार्थना पत्र की प्रतिलिपि कैंट थाने के पैरोकार को थमा दी गई।
जिला जज के खिलाफ आवेदन पत्र और उस पर तिथि नियत कर थाने से रिपोर्ट मांगे जाने का मामला सार्वजनिक होते ही हड़कंप मच गया। जिला जज को सीजेएम ने रिपोर्ट दी कि प्रार्थनापत्र उनके विश्राम कक्ष में रखा था और अपूर्ण आदेशयुक्त था।
उस प्रार्थना पत्र को निकाल कर ऐसा कृत्य किया गया है। मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए गुरुवार को सर्वदेव को निलंबित कर दिया गया। जिला जज के आदेश पर जांच भी शुरू हो गई।
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पीठासीन अधिकारी के अनुसार उनके विश्राम कक्ष में रखे प्रार्थनापत्र को निकाल कर यह काम किया गया है। ऐसा करना गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है। प्रकरण की जांच कर अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ डॉ. अशोक कुमार सिंह एक माह में रिपोर्ट जिला जज को देंगे। अब सर्वदेव का काम देखने के लिए मनोज कुमार श्रीवास्तव को तैनात किया गया है।
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सीजेएम कोर्ट में बुधवार को सिकरौरा नरसंहार कांड की वादिनी हीरावती देवी के बेटे दिनेश कुमार यादव ने प्रार्थनापत्र दिया था। इसमें जिला जज, एडीजे तृतीय राजीव कमल पांडेय और एमएलसी बृजेश सिंह के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कर विवेचना कराने की मांग की गई थी। दिनेश का आरोप था कि बृजेश सिंह के प्रभाव में आकर एडीजे तृतीय और जिला जज सिकरौरा नरसंहार कांड की सुनवाई में पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहे हैं।
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दिनेश के प्रार्थनापत्र पर बाएं तरफ ऊपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट की मुहर लगाई गई और लिखा गया कि रजिस्टर... संबंधित पुलिस स्टेशन छह मार्च 2018 को रिपोर्ट दे। इसके साथ ही प्रार्थना पत्र की प्रतिलिपि कैंट थाने के पैरोकार को थमा दी गई।
जिला जज के खिलाफ आवेदन पत्र और उस पर तिथि नियत कर थाने से रिपोर्ट मांगे जाने का मामला सार्वजनिक होते ही हड़कंप मच गया। जिला जज को सीजेएम ने रिपोर्ट दी कि प्रार्थनापत्र उनके विश्राम कक्ष में रखा था और अपूर्ण आदेशयुक्त था।
उस प्रार्थना पत्र को निकाल कर ऐसा कृत्य किया गया है। मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए गुरुवार को सर्वदेव को निलंबित कर दिया गया। जिला जज के आदेश पर जांच भी शुरू हो गई।