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अपराध पर अंकुश: वाराणसी में एक साल में साइबर ठगी के 277 आरोपी गिरफ्तार, 58 गिरोह का हुआ खुलासा
Tue, 15 Sep 2026 04:36 PM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Tue, 15 Sep 2026 04:36 PM IST
सार
वाराणसी में एक साल में साइबर ठगी के 277 आरोपी गिरफ्तार किए गए। वहीं 58 गिरोह का खुलासा हुआ। साथ ही 36 आरोपी डिजिटल अरेस्ट के पकड़े गए। सीपी ने साइबर पोर्टलों, शिकायत रजिस्टरों और लंबित प्रकरणों की समीक्षा की।
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साइबर क्राइम
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विस्तार
साइबर क्राइम पुलिस ने एक साल में साइबर अपराधियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस टीमों ने 58 साइबर गिरोह का भंडाफोड़ कर सरगनाओं समेत 277 अपराधियों को गिरफ्तार किया।
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सोमवार को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने साइबर थाना और साइबर सेल का निरीक्षण किया। साइबर पोर्टलों, शिकायत रजिस्टरों और लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। सीपी ने पीड़ितों को तत्काल सहायता के लिए 'हेल्प डेस्क' स्थापित करने और वहां प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों की तैनाती के निर्देश दिए।
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पुलिस आयुक्त ने बताया कि साइबर क्राइम पुलिस ने निवेश के नाम पर फर्जीवाड़े, विदेशियों से ठगी और नौकरी दिलाने का झांसा देने वाले 15 अवैध कॉल सेंटरों पर छापा मारकर 175 आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये गिरोह खुद को अमेरिकी और फेडरल अधिकारी बताकर विदेशी नागरिकों से ठगी करते थे। वहीं, डिजिटल अरेस्ट के 5 मामलों में 36 आरोपियों को जेल भेजकर 1.20 करोड़ रुपये और उपकरण बरामद किए गए।
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25 करोड़ की ठगी की रकम होल्ड
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) की 16982 शिकायतों का निस्तारण किया गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से ठगों तक पहुंचने वाली 25 करोड़ की धनराशि को विभिन्न खातों में होल्ड कराया गया, जबकि विधिक प्रक्रिया पूरी कर पीड़ितों के 4.5 करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खातों में वापस कराए गए।
इसे भी पढ़ें; वाराणसी में चोरों के हौसले बुलंद: गुमटी मार्केट में कई दुकानों को बनाया निशाना, हजारों रुपये की चोरी
550 लोगों को कराया रेस्क्यू
मल्टीलेवल मार्केटिंग और अन्य ठगी के जाल में फंसे 550 लोगों को पुलिस ने सुरक्षित रेस्क्यू कर परिजनों को सौंपा। अपराध में प्रयुक्त 17 चार पहिया वाहन जब्त किए गए और 21 साइबर जालसाजों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। 10176 मोबाइल नंबर और 8262 मोबाइल डिवाइस के अंतरराष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान (आईएमईआई) नंबर ब्लॉक किए गए। इससे इन उपकरणों का दोबारा दुरुपयोग रोका जा सके।
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) की 16982 शिकायतों का निस्तारण किया गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से ठगों तक पहुंचने वाली 25 करोड़ की धनराशि को विभिन्न खातों में होल्ड कराया गया, जबकि विधिक प्रक्रिया पूरी कर पीड़ितों के 4.5 करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खातों में वापस कराए गए।
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550 लोगों को कराया रेस्क्यू
मल्टीलेवल मार्केटिंग और अन्य ठगी के जाल में फंसे 550 लोगों को पुलिस ने सुरक्षित रेस्क्यू कर परिजनों को सौंपा। अपराध में प्रयुक्त 17 चार पहिया वाहन जब्त किए गए और 21 साइबर जालसाजों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। 10176 मोबाइल नंबर और 8262 मोबाइल डिवाइस के अंतरराष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान (आईएमईआई) नंबर ब्लॉक किए गए। इससे इन उपकरणों का दोबारा दुरुपयोग रोका जा सके।
पुलिस आयुक्त की शहरवासियों से अपील
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने शहरवासियों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने बैंक खाते की गोपनीय जानकारी साझा न करने और संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी इंटरनेट बैंकिंग यूजर आईडी एवं पासवर्ड आदि किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। ऑनलाइन वित्तीय ठगी होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराएं।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने शहरवासियों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने बैंक खाते की गोपनीय जानकारी साझा न करने और संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी इंटरनेट बैंकिंग यूजर आईडी एवं पासवर्ड आदि किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। ऑनलाइन वित्तीय ठगी होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराएं।