UP Chunav 2022: पूर्वांचल में पुराने चेहरों के जरिए भाजपा की सोशल इंजीनियरिंग, कई सीटों पर मंथन अभी जारी
यूपी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने रविवार रात अपने प्रत्याशियों की एक और सूची जारी कर दी है। इसमें पूर्वांचल की 45 सीटों पर ज्यादातर चेहरे पुराने हैं और इसमें सोशल इंजीनियरिंग का पूरा ख्याल रखा गया है।
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यूपी विधानसभा चुनाव में गर्माती सियासत के बीच रविवार को भाजपा ने सातवें चरण के मतदान वाली सीटों के प्रत्याशी घोषित कर दिए। पूर्वांचल की 45 सीटों पर ज्यादातर चेहरे पुराने हैं और इसमें सोशल इंजीनियरिंग का पूरा ख्याल रखा गया है। हालांकि वाराणसी की रोहनिया और सेवापुरी पर भाजपा की ओर पत्ते नहीं खुले हैं।
सेवापुरी पिछली बार अपना दल एस के खाते में थी। ऐसे में इन दोनों सीटों पर सहयोगी दल के साथ पार्टी नेतृत्व का मंथन जारी है। उधर भाजपा की सूची जारी होने के बाद अपना दल एस ने पिंडरा सीट पर प्रत्याशी उतारे जाने पर नाराजगी जाहिर की है और दावा किया है कि इस मुद्दे पर भाजपा शीर्ष नेतृत्व से दोबारा बात की जाएगी।
भाजपा ने अजगरा (सु) से बसपा से पूर्व विधायक रहे त्रिभुवन राम पर भरोसा जताया है। त्रिभुवन राम वर्ष 2012 में यहां से बसपा के टिकट पर जीते थे और 2017 में बसपा प्रत्याशी के रूप में हार गए थे। इसके बाद उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था। इस सीट पर भाजपा के सहयोग से सुभासपा के कैलाश सोनकर विधानसभा पहुंचे थे। इस बार बदले राजनीतिक परिवेश में टी राम मैदान में रहेंगे।
इन्हें मिला फिर से मौका
इसके साथ ही पिंडरा में कांग्रेस प्रत्याशी व पूर्व विधायक अजय राय के मुकाबले मौजूदा विधायक डा. अवधेश सिंह पर भरोसा जताया है। हालांकि इस सीट पर अपना दल एस भी दावा जता रही थी। डा. अवधेश सिंह ने पिछली बार इस सीट पर अजय राय को पटखनी देकर भाजपा का खाता खोला था।
शिवपुर से कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओपी राजभर के बेटे व प्रमुख महासचिव अरविंद राजभर से मुकाबला करेंगे। इस सीट पर पिछली बार अनिल राजभर ने इस सीट को 50 हजार मतों से ज्यादा के अंतर जीता था।
उत्तरी में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रविंद्र जायसवाल और दक्षिणी से राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डा. नीलकंठ तिवारी को प्रत्याशी बनाया गया है। पिछली बार नीलकंठ तिवारी ने कांग्रेस के पूर्व सांसद राजेश मिश्रा को पराजित किया था। कैंट से विधायक सौरभ श्रीवास्तव को भी लगातार दूसरी बार प्रत्याशी बनाया गया है। इससे पहले इनकी मां ज्योत्सना श्रीवास्तव और इससे पहले इनके पिता हरिश्चंद्र श्रीवास्तव यहां से विधायक थे।
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जातीय समीकरण पर रखा पूरा ध्यान
भाजपा ने प्रत्याशी चयन में जातीय समीकरण का पूरा ध्यान रखा है। बलिया से भदोही तक के टिकट चयन में ब्राह्मण, राजपूत, भूमिहार, पिछड़ी जाति के साथ दलित प्रत्याशियों का ख्याल रखा गया है। 45 सीटों पर सात महिला प्रत्याशी हैं।
बलिया, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर और वाराणसी की तीन सुरक्षित सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए गए हैं। इसके अलावा पिछड़ी जाति के सात, छह ब्राह्मण, दो भूमिहार, तीन राजपूत और एक कायस्थ को मौका दिया गया है।
बची सीटों पर बढ़ी धुकधुकी
वाराणसी की रोहनिया, सेवापुरी के अलावा मिर्जापुर की छानबे, मझवां, भदोही की ज्ञानपुर, चंदौली की पीडीडी यूनगर और चकिया, गाजीपुर की सैदपुर, जहूराबाद, जमनिया, जौनपुर की बदलापुर, जफराबाद सहित कई सीटों पर दावेदारों की धुकधुकी बढ़ गई है। हालांकि छानबे भी पिछली बार अपना दल एस के पास थी। मगर, बची सीटों पर अब सबकी निगाहें टिकी हैं।
विपक्षी दलों पर बढ़ा प्रत्याशी चयन का दबाव
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