बिजली गिरने से दो की मौत: बारिश के दौरान खेत में दर्दनाक हादसा, सात लोग घायल; चार को जिला अस्पताल किया रेफर
आजमगढ़ में बारिश के दौरान खेत में बिजली गिरने से महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि सात लोग झुलस गए। हादसे के समय महिलाएं खेत में धान की निराई कर रही थीं। घायलों को स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर चार को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जिले में बृहस्पतिवार की दोपहर बारिश हुई। इस दौरान बरदह और सरायमीर थाना क्षेत्र में हुई अलग-अलग घटनाओं में नीतू देवी (40) और साहिल (16) की मौत हो गई। छह महिलाएं झुलस गईं।
गंभीर हालत में चार महिलाओं को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। बरदह थाना क्षेत्र के लसड़ा कला गांव की सिवान में बृहस्पतिवार की दोपहर करीब 12:30 बजे धान के खेत में महिलाएं निराई कर रही थीं।
इसी दौरान अचानक बिजली गिरने से सात महिलाएं उसकी चपेट में आ गईं। हादसे में नीतू देवी की मौत हो गई। वहीं, गर्भवती अनीता देवी, रेनू देवी, राधिका देवी, सरिता, संजना और गीता देवी झुलस गईं।
ग्रामीणों की मदद से सभी को उपचार के लिए पीएचसी ठेकमा और सीएचसी महुजा ले जाया गया। चिकित्सकों ने नीतू देवी को मृत घोषित कर दिया। अनीता और रेनू की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल जौनपुर रेफर किया गया।
वहीं, अन्य चार महिलाओं को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। नीतू देवी के तीन पुत्र और एक पुत्री हैं।
उनके पति मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। थानाध्यक्ष चंद्रदीप कुमार ने बताया कि पंचनामा बनाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
खेत घूमने गए इकलौते बेटे की मौत
सरायमीर थाना क्षेत्र के टेवखर गांव में बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12:30 बजे खेत घूमने गए साहिल (16) की बिजली की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। परिजन और ग्रामीण उसे आनन-फानन निजी चिकित्सालय ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। साहिल कक्षा पांच तक पढ़ा था। इसके बाद वह घर पर रहकर पिता के साथ खेती-किसानी में हाथ बंटाता था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। इकलौते पुत्र की मौत से पिता मनोज, मां और चार बहनों समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बाल-बाल बची महिला
ठेकमा के लसड़ा कला गांव में रामभुवन सिंह के खेत में कई दिनों से धान की निराई का काम चल रहा था। कुल नौ महिलाएं सुबह करीब नौ बजे निराई करने के लिए गई थीं। दोपहर में अचानक तेज चमक के साथ बिजली गिरी, जिसमें आठ महिलाएं बुरी तरह झुलस गईं। धान के खेत में महिलाओं के साथ गांव की गीता भी गई हुई थी। निराई के दौरान हल्की हवा चलने के साथ फुहारें पड़ने लगीं। अभी लोग घर जाने की सोच ही रहे थे कि तभी बिजली गिर गई। गीता बाल-बाल बच गई, लेकिन वह बदहवास थी। घटना के करीब एक घंटे बाद वह ठेकमा सीएचसी पहुंची। उस दौरान उसका बीपी बढ़ा हुआ था। गीता ने बताया कि इतनी तेज आवाज हुई कि लगा, जैसे पूरा आसमान वहीं गिर गया हो।