UP Crime: पुलिस करती रही घेराबंदी, 25 हजार के इनामी ने कोर्ट में किया समर्पण; एक सिपाही निलंबित, दो लाइन हाजिर
Varanasi News: वाराणसी के दशाश्वमेध थाना क्षेत्र के मीरघाट में सपा नेता के घर में घुसकर फायरिंग करने के मामले में पुलिस के इंतजाम फेल हो गए। क्राइम ब्रांच ने भी आरोपियों के लिए घेराबदी कर रखी थी। दूसरी तरफ, इनामी बदमाश ने कोर्ट में समर्पण कर दिया।
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कमिश्नरेट के दशाश्वमेध थाने की पुलिस व क्राइम ब्रांच की घेराबंदी धरी ही रह गई और 25 हजार के इनामी बदमाश ने अदालत में समर्पण कर दिया। सिविल जज सीनियर डिवीजन तृतीय अलका की अदालत ने आरोपी सूजाबाद, पड़ाव निवासी साहिल यादव को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
पुलिस अब साहिल को अदालत की अनुमति से कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी में है। पुलिस प्रयास करेगी कि घटना में प्रयुक्त असलहे साहिल की निशानदेही पर बरामद हो जाएं।
श्री काशी विश्वनाथ धाम से चंद कदम की दूरी पर मीर घाट के हिस्ट्रीशीटर और सपा नेता विजय यादव उर्फ विज्जू की तहरीर पर 30 जून को दशाश्वमेध थाने में पांच नामजद और 12 अज्ञात के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया था।
विजय यादव के अनुसार, गुंडा टैक्स न देने पर घर में 30 जून की दोपहर में बदमाशों ने धावा बोला। फायरिंग और धारदार हथियारों से हमला कर परिवार के छह वर्ष के एक बच्चे सहित छह लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। मौके से पकड़े गए आरोपी गोविंद यादव को एक जुलाई को जेल भेजा गया था।
वहीं, चार आरोपियों अंकित यादव, साहिल यादव, शिवम शर्मा और शोभित शर्मा पर डीसीपी काशी जोन ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। दशाश्वमेध थाने की पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम आरोपियों की तलाश कर रही थी। इस बीच साहिल ने आत्मसमर्पण कर दिया।
फूलपुर थाने में तैनात रहे एक सिपाही के खिलाफ जारी जांच के दौरान उसे गैर जनपद के लिए रवाना करने में मदद करना तीन सिपाहियों को महंगा पड़ा। डीसीपी गोमती जोन मनीष कुमार शांडिल्य ने एक सिपाही को निलंबित कर दिया है। वहीं, दो सिपाहियों को लाइन हाजिर किया गया है।
फूलपुर थाने में तैनात एक सिपाही के खिलाफ क्षेत्र के ही एक युवक ने कमिश्नरेट के उच्चाधिकारियों से शिकायत की थी। युवक का आरोप है कि सिपाही का उसकी पत्नी के साथ गलत संबंध है। उस सिपाही के खिलाफ लगे आरोप की जांच एसीपी पिंडरा द्वारा की जा रही थी।
जांच के बीच ही उसका तबादला गैर जनपद हो गया। जांच में सिपाही ने खुद को फंसता देखा तो फूलपुर थाने में सीसीटीएनएस का काम करने वाले सिपाही प्रिंस यादव व हेड मुहर्रिर अशोक कुमार यादव और एसीपी पिंडरा के कार्यालय में कार्यरत मुंशी बजरंगी की मदद से अपनी रवानगी गैर जनपद करा ली।
इसकी जानकारी जब उच्चाधिकारियों को हुई तो सिपाही की खोजबीन शुरू हुई, लेकिन वह मोबाइल स्विच ऑफ कर गायब है। इस पर डीसीपी गोमती जोन ने सिपाही प्रिंस को निलंबित कर दिया। वहीं, अशोक और बजरंगी को लाइन हाजिर कर दिया गया। गैर जनपद स्थानांतरित होने वाले सिपाही की तलाश में पुलिस टीम उसे ढूंढ़ने में लगी हुई है। पुलिस उसके गृह जनपद सुल्तानपुर तक भागदौड़ कर आई, लेकिन पता नहीं लगा।
जो जुगाड़ लगा रहे थे अब पैरवी कर रहे रिलीव हो जाएं
कमिश्नरेट में तैनात 2015 बैच के 200 से ज्यादा दरोगा का तबादला हाल ही में गैर जनपद के लिए लखनऊ स्तर से किया गया था। कई दरोगा नेताओं या अन्य माध्यमों से पैरवी करा रहे थे कि उन्हें गैर जनपद न जाना पड़े और वह फिलहाल बनारस ही रुक जाएं।
इस बीच इस हफ्ते में अब तक कामकाज में घोर लापरवाही मिलने पर दो थानाध्यक्षों, दो चौकी प्रभारियों और एक दरोगा (लिपिक) को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल निलंबित कर चुके हैं। साथ ही तीन थानाध्यक्षों को पुलिस आयुक्त ने लाइन हाजिर कर दिया है।
इससे पुलिस महकमे में खलबली मची हुई है और कर्मियों के बीच एक ही चर्चा है कि अब अगली बारी किसकी है। कामकाज को लेकर पुलिस आयुक्त का सख्त रवैया देख वाराणसी में रुकने का जुगाड़ लगा रहे दरोगा अब खुद को रिलीव कराने के लिए जी-जान से प्रयासरत हैं।
पत्नी या मां-बाप की बीमारी का प्रार्थना पत्र देकर रुकने का प्रयास करने वाले दरोगा भी कह रहे हैं कि अब कोई दिक्कत की बात नहीं है। उन्हें बस रिलीव कर दिया जाए। इस बात की पुलिस आयुक्त कार्यालय में बृहस्पतिवार को खासी चर्चा रही।
किशोरी से दुष्कर्म के मामले में दो साल से वांछित इनामी गिरफ्तार
किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में दो साल से वांछित आरोपी को लंका थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान आजमगढ़ जिले के दीदारगंज थाना के जोखू लारपुर के प्रदीप शर्मा के रूप में हुई है।
लंका इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि 24 सितंबर 2022 को एक किशोरी के अपहरण के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। 12 सितंबर 2023 को किशोरी को बरामद किया गया। बयान के आधार पर दर्ज मुकदमे में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धारा बढ़ाई गई।
तमाम प्रयास के बावजूद आरोपी प्रदीप शर्मा गिरफ्तार नहीं किया जा सका। प्रदीप के खिलाफ अदालत ने एनबीडब्ल्यू जारी किया और डीसीपी काशी जोन ने उस पर 25 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया।
गुरुवार की सुबह सूचना मिली कि प्रदीप अपने किसी काम से बनारस आया हुआ है और वह मुरारी चौक बस स्टैंड के पास है। इस सूचना के आधार पर दरोगा रोहित सिंह यादव, हेड कांस्टेबल संजय कुमार और कांस्टेबल अमित कुमार यादव के साथ छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया।