यूपी कॉलेज हत्याकांड: 29 साल में हुईं 30 से ज्यादा हत्याएं, कोई माननीय तो कोई बना माफिया
Varanasi News: वाराणसी जिले में विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में 29 साल में 30 से ज्यादा हत्याएं हो चुकी हैं। यूपी कॉलेज में सूर्य प्रताप सिंह की हत्या ने इन घटनाओं के परिदृश्य को ताजा कर दिया है।
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यूपी कॉलेज में छात्र सूर्य प्रताप सिंह की वर्चस्व में गोली मारकर हत्या ने 29 साल के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के परिदृश्य को ताजा कर दिया, जब वर्चस्व और छोटी-छोटी बातों पर गोलियां तड़तड़ाने जैसी बातें आम थीं। विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के अंदर वर्चस्व और मामूली बातों पर 30 से ज्यादा हत्याएं हो चुकी हैं। कुछ हत्याएं कॉलेज परिसर के अंदर हुईं तो कुछ को ढूंढ़कर एके-47 से भी मारा गया। हाल यह रहा कि 15 साल तक लगातार गोलियों की तड़तड़ाहट से महाविद्यालयों की जमीन खून से लाल होती गई। इसमें कुछ माफिया बने तो कुछ आज माननीय बनकर संसद और विधानसभा में काबिज भी हुए।
6 अप्रैल 1997 की वह रात आज भी छात्रसंघ के इतिहास में काली रात के रूप में दर्ज है। इसी रात महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के नवनिर्वाचित छात्रसंघ अध्यक्ष रामप्रकाश पांडेय, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सुनील राय, भोनू मल्लाह समेत चार लोगों की नरिया तिराहे पर वैन सवार बदमाशों ने एके-47 से गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी।
रामप्रकाश पांडेय तब छात्रसंघ अध्यक्ष की शपथ भी नहीं ले पाए थे। इस कांड में हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र त्रिवेदी 18 गोली खाने के बाद भी बच गए। उत्तर प्रदेश के इस चर्चित हत्याकांड में माफिया मुख्तार अंसारी के शूटर मुन्ना बजरंगी का नाम सामने आया था। इस हत्याकांड के बाद से छात्रसंघ चुनाव की रूपरेखा ही बदल गई।
हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज के छात्रसंघ महामंत्री विनोद चौबे की 1994 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यूपी कॉलेज के पूर्व अध्यक्ष अभिलाष सिंह की जगतगंज में गोली मारकर हत्या की गई थी। डीएवी पीजी कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष पद के प्रत्याशी आलोक सिंह को कॉलेज परिसर में दौड़ाकर गोली मारी गई थी। कुछ दिन अस्पताल में रहने के बाद उनकी मौत हो गई। उनकी हत्या के बाद वाराणसी में बवाल हुआ था।
विद्यापीठ के छात्र नेता सुरेश पटेल की वर्चस्व की लड़ाई में महिला छात्रावास के बाहर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय शहर और छात्रावास के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही थी।
बीएचयू में बिरला के सामने हुई हत्या
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जेएचवी शूटआउट तक में शामिल रहा छात्र
यूपी कॉलेज में 26 अप्रैल 2019 को छात्र विवेक सिंह की पीजीटी हॉस्टल के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। छात्रसंघ महामंत्री अनुपम सिंह कुंदन को इस हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था। वर्चस्व और आपसी टकराव में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्र नेता आलोक उपाध्याय ने 31 अक्तूबर 2018 को जेएचवी में कॉलेज के एक छात्र पर फायरिंग की थी, जिसमें एक दर्जी समेत दो लोगों की मौत हुई थी।
पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह का सफर
हरिश्चंद्र कॉलेज से मेयर से विधायक तक
हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज के छात्रसंघ पदाधिकारी रहे कई छात्र संसद और विधानसभा तक पहुंचे। इनमें दक्षिणी विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, पूर्व सांसद अतुल राय, स्नातक एमएलसी आशुतोष सिन्हा शामिल हैं। मेयर अशोक तिवारी भी इसी कॉलेज से पढ़े हैं।
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बीएचयू छात्रसंघ से निकले बड़े नाम
बीएचयू छात्रसंघ ने देश को कई नेता दिए हैं... पूर्व सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, पूर्व राज्यपाल व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त, पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह, जेपीएस राठौर, डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ और पूर्व कैंट विधायक ज्योत्सना श्रीवास्तव सहित कई नेता छात्रसंघ की नर्सरी से उपजे हैं।