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Varanasi: अक्तूबर में नमो घाट से गंगा की लहरों में फर्राटा भरेगा कैटामरैन जलयान, आसानी से बैठ सकेंगे 50 पर्यटक
Sat, 31 Aug 2024 04:08 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Sat, 31 Aug 2024 04:08 PM IST
सार
अक्तूबर में नमो घाट से कैटामरैन का ट्रायल रन होगा। हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक से संचालित डबल इंजन के इस क्रूज में 50 पर्यटक आसानी से बैठ सकेंगे।
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Varanasi Ganga Ghat
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गंगा की लहरों पर कैटामरैन जलयान अक्तूबर माह से फर्राटा भरेगा। नमो घाट से रामनगर मल्टीमॉडल टर्मिनल तक अक्तूबर माह में ही ट्रायल रन होगा। पर्यटन विभाग ने कैटामरैन संचालन के लिए शुक्रवार को टेंडर जारी कर दिया। हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक से संचालित डबल इंजन के इस क्रूज में 50 पर्यटक आसानी से बैठ सकेंगे। महाकुंभ में वाराणसी-प्रयागराज के बीच भी चलाने की तैयारी है।
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गंगा में यह पांचवां क्रूज होगा। पर्यटन अधिकारियों के अनुसार कैटामरैन छोटा क्रूज है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने पर इसका संचालन नमो घाट से रविदास घाट तक किया जाएगा। कैथी मार्कडेय महादेव तक भी चलाने की योजना है। हफ्ते में दो दिन नमो घाट से कैथी मार्कडेय महादेव और दो दिन नमो घाट से चुनार तक संचालन का खाका खींचा गया है।
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महाकुंभ के दौरान इसे प्रयागराज तक भी चलाया जा सकता है। फिलहाल महाकुंभ से पहले अक्तूबर माह में इसका संचालन नमो घाट से रविदास घाट तक किया जाना है। टेंडर प्रकिया पूरी होने पर ही किराया तय किया जाएगा।
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गंगा में चल रहे हैं चार जलयान
गंगा की लहरों पर संगीत के बीच कैटामरेन से सैलानी घाटों को निहार सकेंगे। सैर के दौरान पर्यटकों को हर घाट के बारे में जानकारी भी मिलती रहेगी। क्रूज में डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड पर घाटों के चित्र के साथ ही स्पीकर के माध्यम से हर घाट के ऐतिहासिक महत्व के बारे में जानकारी भी दी जाएगी। सफर काफी रोमांचकारी होगा। पर्यटन विभाग के उप निदेशक आरके रावत ने बताया कि टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
गंगा की लहरों पर पहले से चार क्रूज संचालित हो रहे हैं। चार क्रूज के संचालन से पर्यटन विभाग को सालाना 70 लाख से अधिक की आमदनी होती है। घरेलू और विदेशी सैलानियों की मांग पर क्रूज का संचालन होता है। गंगा में भागीरथ, विवेकानंद, मानिक शॉ और अलखनंदा संचालित हो रहे हैं।
गंगा की लहरों पर पहले से चार क्रूज संचालित हो रहे हैं। चार क्रूज के संचालन से पर्यटन विभाग को सालाना 70 लाख से अधिक की आमदनी होती है। घरेलू और विदेशी सैलानियों की मांग पर क्रूज का संचालन होता है। गंगा में भागीरथ, विवेकानंद, मानिक शॉ और अलखनंदा संचालित हो रहे हैं।