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नेपाल त्रासदी: काशी के नेपाली समाज ने बाढ़ के बीच अपनों का जाना हाल, प्रशासन भी अलर्ट; विधायक ने की मुलाकात

Thu, 27 Aug 2026 06:09 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Thu, 27 Aug 2026 06:09 AM IST
सार

काशी में बाढ़ की जानकारी मिलने पर नेपाली समाज के लोगों ने नेपाल में रह रहे अपने परिचितों से फोन पर संपर्क कर हालचाल लिया। विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी नेपाली समाज के लोगों से बातचीत की। फिलहाल किसी तरह की परेशानी की सूचना नहीं है। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई है।

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Tragedy Kashi Nepali community inquires about well loved ones amidst floods administration on alert
काशी के घाट और मंदिर सब वीरान। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

काशी और नेपाल का रिश्ता सदियों पुराना है। नेपाल में राजतंत्र के दौर में राजा-रानी राज्याभिषेक से पहले काशी आकर गंगा स्नान और बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन करते थे। यही पुराना रिश्ता आज भी दोनों क्षेत्रों के बीच जुड़ाव का आधार बना हुआ है। काशी में बाढ़ की स्थिति की जानकारी मिलते ही नेपाली समाज के लोगों ने फोन कर नेपाल में रह रहे अपने परिचितों और परिजनों से संपर्क कर हालचाल लिया।

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शहर दक्षिणी के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी और नेपाली समाज वाले इलाकों के जनप्रतिनिधि भी समाज के लोगों से संपर्क कर स्थिति की जानकारी लेते रहे। काशी में नेपाली कोठी, काठ की हवेली और नेपाली मंदिर आज भी नेपाली संस्कृति और परंपरा के प्रमुख प्रतीक हैं। एक समय मंगलागौरी, दुग्ध विनायक और ब्रह्मा घाट का इलाका बड़ी संख्या में नेपालियों की मौजूदगी के लिए जाना जाता था। बताया जाता है कि नेपाल के राजपरिवार से जुड़े लोग भी यहां रहते और शिक्षा ग्रहण करते थे। कोईराला परिवार के लोग भी काशी में रहे हैं।

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बाढ़ की जानकारी मिलने के बाद शहर दक्षिणी विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने काशी में रहने वाले नेपाली समाज के लोगों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने बताया कि विश्वनाथ मंदिर के पुजारी टेकनारायण और सीती धीमरे समेत कई लोगों से बातचीत की गई है। सीती फिलहाल नेपाल में हैं और काशी लौट रही हैं। बातचीत में किसी प्रकार की परेशानी की सूचना नहीं मिली है।

मंगला गौरी क्षेत्र के पार्षद पति नलिन नयन मिश्र और दशाश्वमेध के पार्षद एवं उपसभापति नरसिंह दास ने भी बताया कि फिलहाल नेपाली समाज के लोगों को किसी तरह की दिक्कत नहीं है।

उधर, आपदा प्रभारी एडीएम वित्त एवं राजस्व सदानंद गुप्ता ने बताया कि प्रशासन को अभी किसी नेपाली नागरिक या समाज के व्यक्ति के परेशानी में होने की सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

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