मऊ में साइबर क्राइम का भंडाफोड़, आधार नंबर से पैसा निकालने वालों के कागज पर लेते थे अंगूठे के निशान, बाद में क्लोन बनाकर खाते से करते थे फंड ट्रांसफर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ जिले में स्वाट और साइबर टीम को मंगलवार को बड़ी सफलता मिली। टीम ने अंगूठे का क्लोन बनाकर खाते से पैसा निकालने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया। पकड़े गए दो आरोपी जनसेवा केंद्र के संचालक हैं। एएसपी ने बताया कि काफी दिनों इनकी तलाश की जा रही थी आज जीयनपुर-दोहरीघाट मार्ग पर अवरवा चेक पोस्ट के पास से पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया।
एएसपी ने आगे बताया कि ये आधार कार्ड से पैसा निकालने आने वाले लोगों के अंगूठे का निशान कागज पर ले लेते थे और फिर इनके और साथी अंगूठे का क्लोन तैयार कर देता थे। इसके माध्यम से आधार नंबर से ये लोग बैंक खाता नंबर और बैलेंस जान लेते थे। उसी अंगूठे के निशान के क्लोन से अथॉरिटी देकर जनसेवा केंद्र संचालक रुपये निकाल लेते थे। इस गैंग के मास्टरमाइंड राहुल खत्री ने फेक आईडी पर डिजिटल बैंकिंग का वालेट बनाया था।
ऐसा ही कारनामा करके दोहरीघाट थाने के बसरारथपुर निवासी मनोज शर्मा के खाते से जालसाजों ने कई बार में नौ लाख 50 हजार रुपये निकाल लिए थे। मामले के खुलासे के लिए एसपी ने साइबर सेल व क्राइम ब्रांच की टीमों को लगाया था। टीम ने मंगलवार को जीयनपुर-दोहरीघाट मार्ग पर अवरवा चेक पोस्ट के पास से पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
इनमें घोसी कोतवाली के खत्रीपार निवासी राहुल खत्री, सरायशादी गांव निवासी त्रिभुवन चौहान, आजमगढ़ जिले के सिधारी थाने के भदुली गांव निवासी सोनू शर्मा, अतरौलिया थाने के बढ़या निवासी सुदीप यादव, निजामाबाद निवासी वीरेंद्र यादव शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से दो कार, तीन लैपटाप, फिनो की हार्ड डिवाइस, वाई फाई हॉटस्पॉट, 19 हजार 400 रुपये बरामद किए।
पूछताछ, लैपटाप और मोबाइल की जांच के दौरान मनोज शर्मा के खाते से रुपये निकालने, आजमगढ़ के विभिन्न घटनाओं में इनके शामिल होने के साक्ष्य मिले। पुलिस ने इनके कब्जे से दो चारपहिया वाहन, लैपटाप, हैकिंग में प्रयुक्त डिवाइस, अंगूठा क्लोन मशीन, केमिकल और 19 हजार रुपये बरामद किए। मऊ के अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवननाथ त्रिपाठी ने पुलिस लाइन में मंगलवार को यह जानकारी दी।