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प्रबंधन के विवाद में छात्रों की समस्याएं हुईं दरकिनार
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उदय प्रताप कॉलेज के वर्तमान संकट पर छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने चिंता व्यक्त की। सोमवार को हुई प्रेसवार्ता के दौरान छात्रों ने कहा कि प्रबंध समिति के विवाद में छात्रों की मूलभूत समस्याएं नेपथ्य में चली गई हैं। छात्रावासों की दयनीय दशा, कालेज की चहारदीवारी की दुर्दशा देखकर राजर्षि के मानस पुत्र व्यथित हैं।
छात्रों ने कहा कि बहुत सारे विषयों में स्नातकोत्तर की कक्षाएं संचालित नहीं हो पाई हैं। कृषि विज्ञान का सीएसआईआर से संबद्ध न होने से उच्च अध्ययन में हमारे विद्यार्थी पिछड़ जाते हैं। यूजीसी से ठीक से पत्राचार न होने के कारण उससे मिलने वाला फंड रुका हुआ है। इस तरह के बुनियादी प्रश्नों को उठाने की बजाय मेडिकल कॉलेज खोलने के ख्याली पुलाव पकाये जा रहे हैं।
छात्रों ने कहा, संस्था का खेल के क्षेत्र में भी बहुत ही गरिमामयी इतिहास रहा है। खेल के मैदान में महिला खिलाड़ियों के लिए शौचालय तक की व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। उदय प्रताप कॉलेज की पहचान यहां की सभ्यता एवं संस्कृति से थी। इस मामले में पिछले कई सालों से प्रबंध समिति का विवाद कालेज की मर्यादा को धूल धूसरित कर रहा है। छात्रों ने शासन प्रशासन से मांग की है कि वह जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करें। इस दौरान विवेकानंद सिंह, शिवम सिंह बाबू, वीरेंद्र प्रताप रघुवंशी, अंकित तिवारी, विकास ठाकुर, प्रवीण राय, शोभित, सत्यम सिंह, सचिन, करण आदि मौजूद रहे।
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छात्रों ने कहा कि बहुत सारे विषयों में स्नातकोत्तर की कक्षाएं संचालित नहीं हो पाई हैं। कृषि विज्ञान का सीएसआईआर से संबद्ध न होने से उच्च अध्ययन में हमारे विद्यार्थी पिछड़ जाते हैं। यूजीसी से ठीक से पत्राचार न होने के कारण उससे मिलने वाला फंड रुका हुआ है। इस तरह के बुनियादी प्रश्नों को उठाने की बजाय मेडिकल कॉलेज खोलने के ख्याली पुलाव पकाये जा रहे हैं।
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छात्रों ने कहा, संस्था का खेल के क्षेत्र में भी बहुत ही गरिमामयी इतिहास रहा है। खेल के मैदान में महिला खिलाड़ियों के लिए शौचालय तक की व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। उदय प्रताप कॉलेज की पहचान यहां की सभ्यता एवं संस्कृति से थी। इस मामले में पिछले कई सालों से प्रबंध समिति का विवाद कालेज की मर्यादा को धूल धूसरित कर रहा है। छात्रों ने शासन प्रशासन से मांग की है कि वह जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करें। इस दौरान विवेकानंद सिंह, शिवम सिंह बाबू, वीरेंद्र प्रताप रघुवंशी, अंकित तिवारी, विकास ठाकुर, प्रवीण राय, शोभित, सत्यम सिंह, सचिन, करण आदि मौजूद रहे।
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