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UP Cabinet : योगी मंत्रिमंडल में दिखी पूर्वांचल के सोशल इंजीनियरिंग की तस्वीर, काशी में सबसे ज्यादा 3 मंत्री

Sat, 26 Mar 2022 01:54 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sat, 26 Mar 2022 01:54 PM IST
सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल पूर्वांचल के छह जिलों से नौ मंत्रियों के जरिए हर जाति का प्रतिनिधित्व दिया गया है।

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The picture of social engineering of Purvanchal was seen in the Yogi cabinet, Prime Minister's Kashi has the maximum number of three ministers
योगी मंत्रिमंडल में पूर्वांचल के नौ चेहरों के जरिए दिखी सोशल इंजीनियरिंग की पूरी तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में पूर्वांचल के नौ चेहरों के जरिए सोशल इंजीनियरिंग की पूरी तस्वीर साफ करने की कोशिश की गई है। पूर्वांचल के छह जिलों से नौ मंत्रियों के जरिए हर जाति का प्रतिनिधित्व दिया गया है। इसके जरिए ही योगी सरकार ने सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के अपने संदेश को और साफ किया है।  

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योगी मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की काशी से तीन मंत्री शामिल हुए हैं। इसके बाद बलिया से दो और मऊ, जौनपुर, सोनभद्र और मिर्जापुर के खाते में एक-एक मंत्री पद दिया गया है। इसमें राजभर, पटेल, भूमिहार, राजपूत, ब्राह्मण, यादव, जायसवाल (वैश्य), अनुसूचित जाति के साथ ही मुस्लिम प्रतिनिधित्व को भी शामिल किया है।

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ये लोग बनाए गए मंत्री

कैबिनेट मंत्री के रूप में मऊ के एके शर्मा, वाराणसी के अनिल राजभर, मिर्जापुर के आशीष पटेल ने शपथ ली है। राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बनने वालों में वाराणसी के रविंद्र जायसवाल, बलिया के दयाशंकर सिंह, वाराणसी के दयाशंकर मिश्र दयालु, जौनपुर के गिरीश चंद्र यादव और बलिया के दानिश आजाद व सोनभद्र के संजीव गोंड राज्यमंत्री बनाए गए हैं।

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रविंद्र जायसवाल स्वतंत्र प्रभार मंत्री बनाए गए

भाजपा के राजभर चेहरा और सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर के बेटे अरविंद राजभर को तगड़ी पटखनी देने वाले अनिल राजभर को प्रदेश की कैबिनेट में दूसरी बार जगह मिली है। इसके साथ ही स्टांप मंत्री के रूप में अच्छा काम करने वाले रविंद्र जायसवाल स्वतंत्र प्रभार मंत्री बनाए गए हैं।

 

दानिश आजाद को पार्टी ने मुस्लिम चेहरे के रूप में जगह दी

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बलिया के दानिश आजाद। - फोटो : अमर उजाला

किसी सदन का सदस्य नहीं होने के बाद भी पूर्वांचल के ब्राह्मण चेहरे के रूप में पहचान रखने वाले पूर्वांचल विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष दयाशंकर मिश्र, दयालु को पूर्व मंत्री व दक्षिणी विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी की जगह दी गई है। बलिया सदर के विधायक दयाशंकर सिंह के साथ ही भाजपा में सक्रिय दानिश आजाद को पार्टी ने मुस्लिम चेहरे के रूप में जगह दी है। एमएलसी और प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद शर्मा को मऊ, गिरीश यादव को जौनपुर, अपना दल एस के कार्यकारी अध्यक्ष आशीष पटेल को मिर्जापुर, संजीव कुमार को सोनभद्र के खाते से मंत्री बनाया गया है।

कई विधायकों की उम्मीद रह गई अधूरी

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विधायक सौरभ श्रीवास्तव। - फोटो : अमर उजाला

बनारस क्लीन स्वीप के साथ ही विधायकों के मंत्रिमंडल में शामिल होने की उम्मीद बलवती हो गई थी। कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव भी आस लगाए बैठे थे, लेकिन मौका नहीं मिला। पिंडरा विधायक का नाम अंतिम समय में सूची में शामिल नहीं हो पाया। अजगरा विधायक टी राम उम्र की बाधा में फंस गए।

ऐसे ही सोनभद्र से दूसरी बार विधायक बने भूपेश चौबे उठक-बैठक प्रकरण के चलते खारिज किए गए। मिर्जापुर के रमाशंकर सिंह पटेल को सहयोगी दल के कार्यकारी अध्यक्ष आशीष पटेल की वजह से मौका नहीं मिला। ऐसे ही कई और विधायक अपने वरदहस्त की लाख कोशिशों के बाद भी मंत्रिमंडल में जगह नहीं बना पाए।

कार्यकर्ताओं से दूरी नीलकंठ को पड़ी भारी

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विधायक नीलकंठ तिवारी - फोटो : अमर उजाला

पिछली सरकार में धर्मार्थ कार्य जैसे अहम मंत्रालय का पद संभालने वाले दक्षिणी विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी को कार्यकर्ताओं से दूरी बनाए रखने का खामियाजा उठाना पड़ा। उनके टिकट के बाद से ही जनता में काफी विरोध था और उनकी जीत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रोड शो के जरिए माहौल बनाना पड़ा था।

इसके बाद वे सपा के किशन दीक्षित से महज 10 हजार से ज्यादा मतों से विजय पा सके थे। दक्षिणी विधानसभा में सक्रिय दयाशंकर मिश्र दयालु की सर्व सुलभता और जनता के बीच लोकप्रियता के चलते किसी सदन में नहीं होने के बाद भी उन्हें पार्टी ने वरीयता दी। उनके मंत्री बनने के बाद आगामी दिनों में एमएलसी बनना तय माना जा रहा है।

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