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नवजात का सिर मिला बलि की आशंका
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 12 Jan 2016 01:54 AM IST
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बीकापुर गांव स्थित गेहूं के एक खेत मेें सोमवार की सुबह एक नवजात का सिर मिला। खेत से लगभग पांच सौ मीटर की दूरी पर माला, फूल सहित तांत्रिक पूजा से संबंधित अन्य सामान मिले। चौबेपुर पुलिस ने सिर को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। डॉग स्क्वॉड और फोरेंसिक टीम धड़ नहीं बरामद कर सके और न ही शिनाख्त हो सकी। ग्रामीणों और पुलिस के अनुसार किसी ने बच्चे की बलि देकर उसका सिर यहां और धड़ कहीं अन्यत्र दफना दिया है।
चौबेपुर थाना क्षेत्र के बीकापुर निवासी चंद्रमा यादव सोमवार की सुबह करीब 10:30 बजे गांव स्थित अपने गेहूं के खेत में सिंचाई कर रहे थे। उनके साथ उनका पालतू कुत्ता भी था। इसी दौरान उनका कुत्ता खेत की मिट्टी खोदकर जबड़े में एक नवजात का सिर फंसाए हुआ सामने आकर खड़ा हो गया। यह देख चंद्रमा एकबारगी तो भयभीत हुए, फिर उन्होंने खुद को संभालकर आसपास देखना शुरू किया तो लगभग पांच सौ मीटर की दूरी पर माला, फूल, हांडी, साड़ी, चूड़ी, कंघी, शीशा, अगरबत्ती, गांजा सहित तांत्रिक पूजा में इस्तेमाल होने वाले अन्य सामान दिखाई दिए।
चंद्रमा भागे-भागे घर पहुंचे और आसपास के लोगों को मामले की जानकारी देने के साथ ही सूचना चौबेपुर पुलिस को दी। मौके पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी पिंडरा परमहंस मिश्रा ने बताया कि या तो बच्चे की बलि दी गई है या फिर लोकलज्जा के भय से किसी ने उसे दफना दिया है। मामले की जांच की जा रही है। उधर, ग्रामीणों का कहना था कि जिसके घर में लड़का नहीं पैदा होता है। वे लड़कियों के पैदा होने पर अंधविश्वास के फेर में इसी तरीके से उनकी बलि दे देते हैं।
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चौबेपुर थाना क्षेत्र के बीकापुर निवासी चंद्रमा यादव सोमवार की सुबह करीब 10:30 बजे गांव स्थित अपने गेहूं के खेत में सिंचाई कर रहे थे। उनके साथ उनका पालतू कुत्ता भी था। इसी दौरान उनका कुत्ता खेत की मिट्टी खोदकर जबड़े में एक नवजात का सिर फंसाए हुआ सामने आकर खड़ा हो गया। यह देख चंद्रमा एकबारगी तो भयभीत हुए, फिर उन्होंने खुद को संभालकर आसपास देखना शुरू किया तो लगभग पांच सौ मीटर की दूरी पर माला, फूल, हांडी, साड़ी, चूड़ी, कंघी, शीशा, अगरबत्ती, गांजा सहित तांत्रिक पूजा में इस्तेमाल होने वाले अन्य सामान दिखाई दिए।
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चंद्रमा भागे-भागे घर पहुंचे और आसपास के लोगों को मामले की जानकारी देने के साथ ही सूचना चौबेपुर पुलिस को दी। मौके पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी पिंडरा परमहंस मिश्रा ने बताया कि या तो बच्चे की बलि दी गई है या फिर लोकलज्जा के भय से किसी ने उसे दफना दिया है। मामले की जांच की जा रही है। उधर, ग्रामीणों का कहना था कि जिसके घर में लड़का नहीं पैदा होता है। वे लड़कियों के पैदा होने पर अंधविश्वास के फेर में इसी तरीके से उनकी बलि दे देते हैं।
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