वाराणसी: सरकारी जमीन पर फर्जीवाड़ा करने वालों पर होगी भूमाफिया की कार्रवाई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने रविवार सुबह अर्बन सीलिंग की जमीन (राय साहब का बगीचा) पर हुए फर्जीवाड़ा की जानकारी दी। उधर, विकास प्राधिकरण अब विभूति नगर योजना की फाइल खंगालने में जुटा है कि आखिर लांच होने के बाद यह योजना धरातल पर क्यों नहीं उतरी। इसमें उस दौरान तैनात अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पांडेयपुर स्थित सरकारी जमीन पर कब्जे की कोशिश करने वालों पर दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज होने के बाद शासन ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है। वाराणसी दौरे पर आए मुख्यमंत्री ने इस मामले में शामिल लोगों पर भूमाफिया की कार्रवाई का निर्देश दिया है।
अधिकारियों ने बताया कि 1997 में अर्बन सीलिंग की जमीन घोषित होने के बाद यहां विभूति नगर योजना लांच की गई थी। इस आवासीय कालोनी में प्लाट और फ्लैट बनाने की योजना थी। मगर, इसकी फाइल अचानक बंद कर ठंडे बस्ते में डाल दी गई। इसके बाद अलग-अलग लोगों ने इस जमीन पर कब्जे के लिए फर्जीवाड़ा किया।
यहां बता दें कि जमीन पर दावा करने वाली पुष्पलता की बीती पांच सितंबर को मौत के बाद 13 सितंबर को बनारस और मुंबई की कंस्ट्रक्शन कंपनियों ने सट्टा इकरारनामा करा लिया था। अमर उजाला में फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद अमीन की तहरीर पर सिद्धार्थ सिंह सहित सात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद वर्ष 2017 में इस जमीन का लीज डीड कराने वालों पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
खाली पड़ी सरकारी जमीनों की नए सिरे से खुलेंगी फाइलें
राय साहब बागीचे की जमीन पर कब्जे की कोशिश के खुलासे के बाद जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। जिले की ऐसी सरकारी जमीनें जो लंबे समय से खाली पड़ी हैं, अब इनकी फाइलें नए सिरे से खुलेंगी। प्रशासन की मंशा है कि इन जमीनों की सूची तैयार कराकर इससे जुड़े विवादों का निपटारा जल्द से जल्द कराया जाए, ताकि इनका प्रयोग किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की जानकारी ली है और रिपोर्ट भी तलब की है। फर्जीवाड़े में शामिल लोगों पर भूमाफिया की संस्तुति के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है। शासन स्तर से सभी पर कार्रवाई होगी। -दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त