फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Teachers Day spl: These teachers are teaching with puppet, the President will honor

Teachers Day spl: ये शिक्षक हैं कुछ हटकर, कठपुतली से पढ़ाते हैं, राष्ट्रपति करेंगे सम्मान

Tue, 05 Sep 2017 02:14 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,सोनभद्र
ब्यूरो,अमर उजाला,सोनभद्र Updated Tue, 05 Sep 2017 02:14 PM IST
विज्ञापन
Teachers Day spl: These teachers are teaching with puppet, the President will honor
कठपुतली के सहारे शिक्षा देने वाले शिक्षक हरिशंकर शुक्ला - फोटो : file photo
सोनभद्र जिले के दो शिक्षकों को राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए चयन होने से अन्य साथियों में हर्ष है। शिक्षक हरिशंकर शुक्ला और लाल चंद्र गुप्ता ने अपने बेहतरीन प्रयास से शिक्षा जगत में बदलाव लाया है। इसके लिए उन्हें सम्मानित किया जा रहा है।
विज्ञापन


अपनी कठपुतली लेकर शिक्षक हरिशंकर शुक्ला दिल्ली पहुंच चुकें हैं। वह कठपुतली, खेलकूद के माध्यम से शिक्षा के प्रति बच्चों को जागरूक करते हैं। राजा बलदेव दास बिड़ला सोनघाटी सलखन के प्रधानाचार्य हरिशंकर शुक्ला मूल रूप से इलाहाबाद, मेजा थाना के अमोरा गांव के रहने वाले हैं।
विज्ञापन


कठपुतली खेल के माध्यम से वह बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रेरित करते हैं। जूनियर हाईस्कूल तक की कक्षाओं को पढ़ाते हैं। अपने प्रयास से जिले से लेकर मंडल स्तर तक स्कूल के बच्चों को खेलकूद में प्रतिभाग करा चुके हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

इन्होंने अपने विद्यालय को बनाया मंडल चैंपियन

Teachers Day spl: These teachers are teaching with puppet, the President will honor
प्रधानाध्यापक लाल चंद्र गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
वहीं मिर्जापुर जिले के भिलौरा गांव के और जूनियर हाईस्कूल कर्मसार के प्रधानाध्यापक लाल चंद्र गुप्ता ने बच्चों को हमेशा गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान की है। स्कूलों में बच्चों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक करते आए हैं।

इसका नतीजा रहा कि बच्चों ने अपने घरों और आसपास स्वच्छता अभियान को सफल बनाया है। उन्होंने कहा कि खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने का कार्य कर रहे हैं। प्रधानाचार्य लालचंद गुप्ता (61) ओबरा से करीब 20 किलोमीटर की यात्रा कर विद्यालय पहुंचते हैं।

विद्यालय में नियुक्ति के समय महज 40 बच्चे थे, परंतु इनके प्रयास से यहां अब करीब 250 बच्चे पढ़ रहे हैं। इनके कार्यकाल में ही विद्यालय खेलकूद प्रतियोगिताओं में मंडल चैंपियन बना।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed