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राजस्व अभिलेखों में असि को नदी दर्ज किया जाए
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 17 May 2016 02:04 AM IST
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असि नदी
- फोटो : अमर उजाला
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असि नदी के राजस्व रिकार्ड को दुरुस्त कराने के लिए अब आवाज बुलंद होने लगी है। स्मार्ट सिटी के तहत काशी के विकास की तैयार होने वाली योजना में असि रिवर फ्रंट डेवलपमेंट का विकल्प दिए जाने के बाद लोगों का कहना है कि पहले नदी का रिकार्ड सही किया जाए। साझा संस्कृति मंच और असि नदी मुक्ति अभियान के कार्यकर्ताओं ने नगर निगम प्रशासन से आग्रह किया है कि असि के विकास से पहले नक्शे में नाला की जगह नदी दर्ज किया जाना चाहिए। इसके बिना असि के उद्धार की बात बेमानी होगी। साझा संस्कृति मंच के कार्यकर्ताओं का कहना है कि नदी का रिकार्ड दुरुस्त कराने के लिए आंदोलन चलाया जाएगा।
साझा संस्कृति मंच के संयोजक फादर आनंद, वल्लभाचार्य पांडेय और डॉ. आनंद प्रकाश तिवारी ने मंडलायुक्त और नगर आयुक्त को पत्र भेजकर अभिलेखों में असि नदी का रिकार्ड सुधारने का आग्रह किया है। पत्र में कहा गया है कि असि कॉरीडोर के प्रारूप को बनाने से पहले नाला की जगह इसे पूर्ण रूप से नदी के रूप में मानचित्र में अंकित किया जाए। कंचनपुर ताल से लेकर अस्सी घाट तक इस नदी को गूगल के नक्शे में भी कुछ स्थानों पर नाला तो कुछ स्थानों पर नदी के रूप में दर्शाया गया है। असि नदी की तलहटी में पाइप लाइन डाल दी गई है। करीब आठ किमी लंबी नदी की तलहटी में डाली गई पाइप लाइन को निकाल कर शहर की गंदगी के डिस्चार्ज के लिए नाला अलग से तैयार किया जाना चाहिए। असि अभिलेखों में जब तक नाला के रूप में बनी रहेगी, तब तक इसके उद्धार की योजना पर काम संभव नहीं हो सकता।
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साझा संस्कृति मंच के संयोजक फादर आनंद, वल्लभाचार्य पांडेय और डॉ. आनंद प्रकाश तिवारी ने मंडलायुक्त और नगर आयुक्त को पत्र भेजकर अभिलेखों में असि नदी का रिकार्ड सुधारने का आग्रह किया है। पत्र में कहा गया है कि असि कॉरीडोर के प्रारूप को बनाने से पहले नाला की जगह इसे पूर्ण रूप से नदी के रूप में मानचित्र में अंकित किया जाए। कंचनपुर ताल से लेकर अस्सी घाट तक इस नदी को गूगल के नक्शे में भी कुछ स्थानों पर नाला तो कुछ स्थानों पर नदी के रूप में दर्शाया गया है। असि नदी की तलहटी में पाइप लाइन डाल दी गई है। करीब आठ किमी लंबी नदी की तलहटी में डाली गई पाइप लाइन को निकाल कर शहर की गंदगी के डिस्चार्ज के लिए नाला अलग से तैयार किया जाना चाहिए। असि अभिलेखों में जब तक नाला के रूप में बनी रहेगी, तब तक इसके उद्धार की योजना पर काम संभव नहीं हो सकता।
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