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UP: वक्फ बोर्ड को लेकर इस संत ने कही बड़ी बात, बोले- 1947 में तय हो गया था; हिन्दू और मुसलमान कहां रहेंगे
Mon, 17 Mar 2025 07:07 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Mon, 17 Mar 2025 07:07 PM IST
सार
वक्फ बोर्ड बिल को लेकर सन्त समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जीतेन्द्रानन्द सरस्वती ने कहा कि हम पीएम मोदी के पीछे चट्टान की तरह खड़े हैं।
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अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
Waqf Amendment Bill: दिल्ली के जंतर-मंतर पर वक्फ बोर्ड बिल के विरोध में हुए प्रदर्शन के खिलाफ अखिल भारतीय सन्त समिति और गंगा महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जीतेन्द्रानन्द सरस्वती ने अपनी नाराजगी व्यक्त की।
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सोमवार को एक वीडियो जारी कर उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक यानी मुस्लिम समुदाय के पीछे छिपकर कुछ राजनैतिक दल देश को बांटने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड बिल को लेकर अखिल भारतीय सन्त समिति का हर एक शख्स प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पीछे चट्टान की तरह खड़ा है।
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स्वामी जीतेन्द्रानन्द ने पूछा कि दुनिया के 56 इस्लामिक देश में कहीं भी वक्फ बोर्ड नहीं है, तो हिन्दुस्तान की सरजमीं पर यह क्यों है? वक्फ बोर्डों के नाम ग्राम सभा की जमीनें क्यों चढ़ा दी गईं? रक्षा और रेल मंत्रालय के बाद इस बोर्ड के पास सर्वाधिक जमीन कैसे माैजूद है?
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इन सारे सवालों का जवाब और सच्चाई देश के लोगों को पता चलनी चाहिए। यह जमीनें राष्ट्र की हैं। कहा कि यह देश धर्म के नाम पर विभाजित हो चुका है। हिन्दुओं के लिए हिन्दुस्तान और मुसलमानों के लिए पाकिस्तान... ये निर्माण 1947 में ही हो गया था। इसलिए इस बार वक्फ बोर्ड जैसी किसी भी चीज को हम स्वीकार नहीं करेंगे।