फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Padma Shri Prof TK Lahiri slapped Associate Professor hurled abuse Director and MS inquired about well

पद्मश्री प्रो. टीके लहरी को मारा थप्पड़: एसोसिएट प्रोफेसर ने गाली दी, निदेशक-एमएस ने जाना हाल; वीसी से शिकायत

Sun, 06 Sep 2026 05:56 AM IST
Aman Vishwakarma Aman Vishwakarma
Updated Sun, 06 Sep 2026 05:56 AM IST
सार

बीएचयू के आईसीयू में आठ महीने से भर्ती 85 वर्षीय पद्मश्री प्रो. टीके लहरी के साथ एसोसिएट प्रोफेसर द्वारा गाली-गलौज और थप्पड़ मारने का आरोप लगा है। आरोप है कि 29 अगस्त की रात हुई घटना में उनके चेहरे और आंख में चोट लगी। एक सितंबर को परिजनों को जानकारी मिली। शिकायत के बाद मामले की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित किया गया है। निदेशक और चिकित्सा अधीक्षक ने आईसीयू पहुंचकर हाल जाना।

विज्ञापन
Padma Shri Prof TK Lahiri slapped Associate Professor hurled abuse Director and MS inquired about well
प्रोफेसर और पद्मश्री प्रो.टीके लहरी घायल हुए। - फोटो : संवाद

विस्तार

बीएचयू अस्पताल के आईसीयू में आठ महीने से भर्ती कार्डियोथोरेसिक डिपार्टमेंट के 85 वर्षीय इमेरिटस प्रोफेसर और पद्मश्री प्रो.टीके लहरी को एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अरविंद पांडेय ने गाली दी। थप्पड़ मारा। इससे प्रो. लहरी के चेहरे पर चोट आई है। एक आंख में भी चोट लगी है जो पूरी तरह से लाल हो गई। मामला कुलपति तक पहुंचा है। मामले की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित कर दिया है। निदेशक और चिकित्सा अधीक्षक ने आईसीयू में जाकर प्रो लहरी का हाल जाना है। यह पता नहीं चल सका कि एसोसिएट प्रोफेसर किस बात से नाराज थे।

विज्ञापन


पद्मश्री प्रो. लहरी 27 जनवरी 2026 से बीएचयू अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं। उनका इलाज चल रहा है। परिजनों का आरोप है कि 29 अगस्त की रात प्रो टीके लहरी को सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक के पांचवें तल पर कार्डियोथोरसिक विभाग के आईसीयू में पीटा गया था। विभाग से ही एक सितंबर को मामले की जानकारी परिजनों को दी गई थी। 

विज्ञापन

लहरी को चोट लगने के फोटो, वीडियो उपलब्ध कराए गए थे। इसके बाद परिजनों ने ईमेल के जरिये बीएचयू के कुलपति, आईएमएस बीएचयू के निदेशक और चिकित्सा अधीक्षक से शिकायत की थी। परिजनों ने पुलिस कार्रवाई की चेतावनी भी दी। उनका कहना है कि प्रो लहरी की मेडिकल जांच कराई जानी चाहिए। इससे अंदरूनी चोट लगने के तथ्य सामने आ सकेंगे। 

जिस डिपार्टमेंट की सेवा में प्रो लहरी ने पूरा जीवन लगा दिया अब उसी के एसोसिएट प्रोफेसर उन्हें पीट रहे हैं। इससे लहरी के स्वास्थ्य की चिंता सता रही है। इस सिलसिले में डॉ. अरविंद पांडेय का पक्ष लेने का प्रयास किया गया। उन्हें फोन और मेसेज किया गया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अब बीएचयू प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया है।

ई मेल के जरिये परिजनों की शिकायत मिली है। आईएमएस निदेशक के साथ वार्ड में जाकर प्रो टीके लहरी को देखा है। मामले में मेडिकल बोर्ड गठित किया गया है। बोर्ड के सदस्य शनिवार को आईसीयू में गए हैं। छानबीन की है। मामले की रिपोर्ट जल्द मिलेगी। पिटाई के आरोप प्रथम दृष्टया सही नहीं लग रहे हैं। डाॅ अरविंद ही प्रो लहरी की लगातार सेवा कर रहे हैं। - प्रो पुनीत कुमार, चिकित्सा अधीक्षक, बीएचयू अस्पताल

बीएचयू प्रशासन से नहीं मिली सूचना
प्रो लहरी के परिवार के सदस्य कोलकाता में रहते हैं। सदस्यों के मुताबिक, प्रो टीके लहरी को थप्पड़ मारने, दुर्व्यवहार आदि की जानकारी विभाग के डॉक्टर से मिली थी। बीएचयू प्रशासन की तरफ से कोई सूचना नहीं दी गई थी। इसी तरह लहरी की बीमारी की जानकारी भी बीएचयू प्रशासन को नहीं मिल सकी थी। वे 15 दिनों तक अपने ही घर में बिस्तर पर पड़े रहे। अमर उजाला ने मामले को उठाया तो बीएचयू प्रशासन हरकत में आया और उन्हें अस्पताल में भर्ती करके इलाज शुरू कराया।

विज्ञापन

2003 में सेवानिवृत्त फिर भी ओपीडी में देखते रहे मरीज
कोलकाता में 3 जनवरी 1941 को जन्मे डॉ. लहरी आईएमएस बीएचयू से 2003 में सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्त होने के बाद भी वे लगातार घर से पैदल सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक की ओपीडी में जाते और मरीज देखते। एप्रन पहनकर एक हाथ में छाता और दूसरे हाथ में काला बैग लिए डॉक्टर लहरी नरिया गेट से एनसीसी बटालियन वाली लेन, कुलपति आवास के सामने से सुपरस्पेशियिलटी ब्लॉक जाते दिख जाते। फिलहाल आठ महीने से वह आईसीयू में भर्ती हैं। डॉक्टरों की टीम इलाज कर रही है। वर्तमान में आईएमएस बीएचयू में कई प्रोफेसर जो विभागाध्यक्ष सहित अन्य अहम पदों पर बैठे रहें, उन्हें डॉ. लहरी ने पढ़ाया है।

2006 में मिला पद्मश्री, दान कर देते हैं पेंशन का हिस्सा
प्रो टीके लहरी को मरीजों की सेवा, समर्पण के लिए 2006 में पद्मश्री से नवाजा गया। वह अपनी पेंशन का बड़ा हिस्सा संस्थानों को दान देते हैं। किसी की मदद नहीं लेते हैं। अगर कोई मदद का प्रस्ताव देता है तो सिरे से खारिज कर देते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed