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कैंसर से लड़ रही रेनू को खाकी वर्दी ने दी नई जिंदगी, फिर से देख सकेगी दुनिया
Wed, 13 Feb 2019 10:19 AM IST
Sayali Maurya
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,चंदौली
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,चंदौली
Published by: Sayali Maurya
Updated Wed, 13 Feb 2019 10:19 AM IST
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ऐसे तो पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठते रहते हैं। पुलिस के प्रति लोगों का नजरिया भी बहुत सकारात्मक नहीं होता है लेकिन यूपी के चंदौली जिले में खाकी वर्दी ने ड्यूटी के साथ ही इंसानियत का भी फर्ज निभाया है।
चंदौली जिले के एसपी संतोष सिंह की एक पहल पुलिस महकमे के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है। जिले में एसपी संतोष सिंह की पहल पर पुलिस कम्युनिटी के तहत बीएचयू के पूर्व छात्रों की संस्था मातृभूमि ट्रस्ट की ओर से प्रत्येक बुधवार को नौगढ़ में नेत्र परीक्षण कैंप आयोजित होता है।
जून माह में कैंप के दौरान शहाबगंज क्षेत्र के अमरसीपुर की रेनू (19) भी अपने आंखों का उपचार कराने के लिए पहुंची। लेकिन उसके आखों की हालत देख डॉक्टरों ने उसे वारणसी में उपचार कराने की सलाह दी। लेकिन वह रुपयों के अभाव के चलते साहस नहीं जुटा सकी। जानकारी के बाद पुलिस अधीक्षक ने रेनू के इलाज कराने की पहल की।
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पुलिस अधीक्षक ने रेनू को वाराणसी के आरके नेत्रालय में भर्ती कराया। जहां डॉ. आरके ओझा के निर्देशन में बीएचयू के नेत्र चिकित्सक आरपी मौर्य ने तीन चरणों में रेनू का ऑपरेशन किया और कृत्रिम आंख भी प्रत्यारोपित किया। इस दौरान वह तीन माह तक बेड पर ही रही।
मातृभूमि सेवा ट्रस्ट के संजय सिंह ने बताया कि रेनू के उपचार में दो लाख से अधिक धन खर्च हुआ है। इसमें एसपी के अलावा सीओ प्रदीप सिंह चंदेल ने भी सहयोग किया। स्वस्थ्य होने के बाद रेनू सोमवार को पुलिस लाइन पहुंची और अपनी नई जिंदगी के लिए पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह को धन्यवाद दिया। एसपी ने भी उसका कुशल क्षेम पूछा और किसी प्रकार की परेशानी होने पर मदद का आश्वासन दिया।
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चंदौली जिले के एसपी संतोष सिंह की एक पहल पुलिस महकमे के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है। जिले में एसपी संतोष सिंह की पहल पर पुलिस कम्युनिटी के तहत बीएचयू के पूर्व छात्रों की संस्था मातृभूमि ट्रस्ट की ओर से प्रत्येक बुधवार को नौगढ़ में नेत्र परीक्षण कैंप आयोजित होता है।
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जून माह में कैंप के दौरान शहाबगंज क्षेत्र के अमरसीपुर की रेनू (19) भी अपने आंखों का उपचार कराने के लिए पहुंची। लेकिन उसके आखों की हालत देख डॉक्टरों ने उसे वारणसी में उपचार कराने की सलाह दी। लेकिन वह रुपयों के अभाव के चलते साहस नहीं जुटा सकी। जानकारी के बाद पुलिस अधीक्षक ने रेनू के इलाज कराने की पहल की।
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पुलिस अधीक्षक ने रेनू को वाराणसी के आरके नेत्रालय में भर्ती कराया। जहां डॉ. आरके ओझा के निर्देशन में बीएचयू के नेत्र चिकित्सक आरपी मौर्य ने तीन चरणों में रेनू का ऑपरेशन किया और कृत्रिम आंख भी प्रत्यारोपित किया। इस दौरान वह तीन माह तक बेड पर ही रही।
मातृभूमि सेवा ट्रस्ट के संजय सिंह ने बताया कि रेनू के उपचार में दो लाख से अधिक धन खर्च हुआ है। इसमें एसपी के अलावा सीओ प्रदीप सिंह चंदेल ने भी सहयोग किया। स्वस्थ्य होने के बाद रेनू सोमवार को पुलिस लाइन पहुंची और अपनी नई जिंदगी के लिए पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह को धन्यवाद दिया। एसपी ने भी उसका कुशल क्षेम पूछा और किसी प्रकार की परेशानी होने पर मदद का आश्वासन दिया।