वाराणसी: कबाड़ मार्केट में काटे जा रहे थे चोरी के ट्रक, पुलिस की छापेमारी में खुलासा, तीन महीने में बिके 139 बड़े वाहन
चेतगंज एसीपी अनिरुद्ध कुमार ने पिछले हफ्ते चौकाघाट स्थित कबाड़ मंडी में छापा मारा था। इसमें एक दुकान से छह ट्रकों को बरामद करते हुए अन्य वाहनों की तफ्तीश जारी थी।
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वाराणसी के चौकाघाट कबाड़ मंडी में चोरी के वाहन काटकर खपाए जा रहे थे। कमिश्नरेट पुलिस ने मंडी से चोरी के 11 ट्रक को पकड़ा, इन ट्रकों को काट उनके पार्ट बेचे गए। कटने वाले ट्रकों पर बाइक, स्कूटी, आटो अन्य वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज थे। पुलिस ने इस मामले में छह लोगों के खिलाफ जैतपुरा थाने में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस के मुताबिक तफ्तीश में सामने आया कि छोटे और बडे़ मिलाकर कुल 21 वाहन चोरी के पाए गए। वहीं 10 वाहनों का रिकार्ड अब तक नहीं मिल सका है।
चेतगंज एसीपी अनिरुद्ध कुमार ने पिछले हफ्ते चौकाघाट स्थित कबाड़ मंडी में छापा मारा था। इसमें एक दुकान से छह ट्रकों को बरामद करते हुए अन्य वाहनों की तफ्तीश जारी थी। एसीपी के नेतृत्व में जैतपुरा पुलिस ने शनिवार को चौकाघाट स्थित यूसुफ के हाता में छापा मारकर चोरी के ट्रकों को काटने के खेल का खुलासा किया।
टीम जब पहुंची तो हाता में खड़े ट्रकों और रजिस्टर का मिलान किया गया तो ट्रकों के नंबर की इंट्री फर्जी पाई गई। पुलिस की पूछताछ में यूसुफ ने बताया कि लोगों के द्वारा लाए गए वाहनों को हाता में खड़ा कराता है। चौकी प्रभारी चौकाघाट अश्वनी कुमार राय की तहरीर पर जैतपुरा थाने में लक्ष्मी सिंह, बिहारी चाचा, संजय यादव, विक्रम कन्हैया लाल, लकी सरदार और अशोक सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया।
आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीम लगाई गई है। इस संबंध में चेतगंज एसीपी अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि छह आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही है, इस खेल में जो भी शामिल होगा, उसकी गिरफ्तारी तय है।
90 दिन में काट कर बेचे गए 139 बड़े वाहन
पुलिस की तफ्तीश में युसूफ द्वारा मेंटेन किए गए रजिस्टर में अगस्त से अक्तूबर के बीच हाता में 139 बड़े वाहन लाए गए, जिन्हें काट और खोलकर उनके पार्ट्स बेचा गया है। इंस्पेक्टर जैतपुरा शशिभूषण राय ने बताया कि युसूफ के पास से बरामद रजिस्टर के साथ ही उसके हाता में खड़े वाहन पार्ट्स को पुलिस ने जब्त किया है।
चोरी का वाहन खपाने वालों का पता नहीं लगा सकी पुलिस
जैतपुरा थाना भी जांच के दायरे में
इसकी भनक जैतपुरा पुलिस को भी थी, लेकिन जब चेतगंज एसीपी ने कार्रवाई की कमान संभाली तब जैतपुरा पुलिस हरकत में आई। थाने को भी मोटी रकम दी जाती थी। यह धंधा वर्षों से चल रहा था। जैतपुरा पुलिस अब तक क्या कर रही थी, यह सब भी उच्चाधिकारी जांच रिपोर्ट में शामिल किए हुए हैं। जैतपुरा थाने के इंस्पेक्टर से लेकर पुलिसकर्मियों तक पर गाज गिर सकती है।