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मिर्जापुर: क्या आप जानते हैं भारत का मानक समय कहां से लिया जाता है, विंध्याचल में है इसका जवाब
Sat, 25 Apr 2020 11:05 AM IST
गीतार्जुन गौतम
अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर
अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Sat, 25 Apr 2020 11:05 AM IST
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भारतीय मानक समय।
- फोटो : अमर उजाला।
देश की भूगोल विधाओं के एक दल ने 2007 में यहां पहुंच कर विंध्याचल के अमरावती चौराहे के पास स्थित स्थल को मानक समय के स्थल को चिह्नित किया था। सटीक भौगोलिक स्थिति के खोजकर्ता एसपीएसीई (साइज पाल्युराइजेशन एसोसिएशन आफ कम्यूनिकेट्स एंड एजूकेशन) हैं।
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जिला प्रशासन की ओर से सुंदरीकरण करते हुए इस स्थल के महत्व को बताने वाला बोर्ड लगवा दिया गया है। यह स्थान भारत की प्रधान मध्याह्न रेखा 82.5 पूर्वी देशांतर पर स्थित है। बोर्ड पर सूर्य एवं पृथ्वी की दूरी तथा व्यास आदि सहित भारतीय आध्यात्मिक जगत में इस स्थान के महत्व को दर्शाया गया है।
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इस विंध्य धरा को मां विंध्यवासिनी का दरबार भी कहते हैं। महारानी मां विंध्यवासिनी अपनी संपूर्ण कलाओं के साथ यहां विद्यमान हैं। बिंदु के बिना एक छोटी रेखा भी नहीं खींची जा सकती है। इसी तरह मान्यता है कि मां विंध्यवासिनी की कृपा के बिना सृष्टि की रचना नहीं हो सकती थी।
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कहा जाता है कि लंका का राजा रावण भी अपनी ज्योतिषगणना के लिए समय यहीं से लिया करता था। यही नहीं रावण ने यहां मां के मंदिर के पास शिवलिंग की स्थापना की थी, जिसे बिंदेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है। यह आध्यात्मिक जगत के मानक समय का सूचक भी है। वर्तमान में यह स्थान एक पिकनिक स्पॉट के रूप में भी विकसित हो गया है।