फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   soon as it got status of classical language interest of foreigners in Pali course doubled

UP: शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिलते ही पाली कोर्स में विदेशियों का रुझान दोगुना, पिछले साल बीए-एमए में थे 20

Sat, 31 May 2025 03:22 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sat, 31 May 2025 03:22 PM IST
सार

बीए ऑनर्स और एमए कोर्स में अंतरराष्ट्रीय छात्रों को सीधा प्रवेश दिया जाएगा। सीट की कोई लिमिट नहीं होगी। बिना किसी प्रवेश परीक्षा के पिछली डिग्री के आधार पर ही दाखिला मिल जाएगा।

विज्ञापन
soon as it got status of classical language interest of foreigners in Pali course doubled
BHU - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Education News: पाली को शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिलने के बाद पहली बार बीएचयू के पाली और बौद्ध अध्ययन कोर्स में प्रवेश लेने के लिए विदेशियों का रुझान बढ़ता दिख रहा है। बीए ऑनर्स, एमए और पीएचडी में आवेदकों की संख्या दो से तीन गुना तक बढ़ गई है। अभी तक स्कॉलरशिप के तहत एमए में 14 से ज्यादा और पीएचडी के लिए आठ आवेदन आ चुके हैं। जबकि सेल्फ फाइनेंस कोर्स में आवेदन आने बाकी हैं। 

विज्ञापन


एमए में 30 नामांकन हो सकते हैं, जबकि दो सत्रों और दोनों कोर्स को मिलाकर 20 छात्र ही पढ़ाई कर रहे हैं। पिछले साल पीएचडी में 2 ही नामांकन हुए थे। पिछले साल भारत सरकार ने तीन अक्तूबर को पाली को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया था।
विज्ञापन


विदेशी छात्रों को पहली बार भारत की नई शिक्षा नीति के तहत चार साल में स्नातक पूरा करना होगा। यहां प्रवेश लेने वाले विदेशियों को इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशंस (आईसीसीआर) की ओर से स्कॉलरशिप मिलेगी। जिससे बीएचयू में फीस भुगतान भी नहीं करना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos

लाओस, कंबोडिया, थाईलैंड से भी आ रहे छात्र : डॉ. अरुण यादव ने बताया कि बुद्ध उपदेश स्थली पर शिक्षा लेने के लिए लाओस, कंबोडिया, वियतनाम, म्यांमार, श्रीलंका और थाईलैंड से भी युवा बीएचयू में आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस कोर्स का काफी प्रचार किया गया।

दक्षिण पूर्वी एशियाई युवाओं में बढ़ा बीएचयू का क्रेज
पाली-बौद्ध अध्ययन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अरुण यादव का कहना है कि शास्त्रीय भाषा के दर्जा के बाद पहली बार विदेशी छात्रों का रुझान इस पाली और बौद्ध अध्ययन की ओर बढ़ा है। दक्षिण पूर्वी एशियाई युवाओं के बीच बीएचयू का क्रेज बढ़ गया है।

दक्षिण एशिया के साथ सांस्कृतिक और अकादमिक जुड़ाव बेहतर होगा। इस बार करीब 30 विदेशी छात्र प्रवेश ले सकते हैं। इनके दाखिले के लिए सीटों की लिमिट नहीं होती। इनकी सीट पर सुपर न्यूमेरी कोटा लागू होता है। इनका प्रवेश ज्यादा से ज्यादा हो, यही सुनिश्चित किया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed