{"_id":"5b76769342c7923f5c264f66","slug":"silk-smuggling-stop-in-varanasi-in-atal-bihari-vajpayee-government","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बनारस में रेशम तस्करी की समस्या से अटल बिहारी वाजपेयी ने दिलाई निजात ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बनारस में रेशम तस्करी की समस्या से अटल बिहारी वाजपेयी ने दिलाई निजात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 17 Aug 2018 12:47 PM IST
विज्ञापन
बनारस में अटल बिहारी वाजपेयी
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बनारस में पहले नेपाल से तस्करी के जरिए रेशम आता था। इस समस्या को अटल बिहारी वाजपेयी ने ही खत्म किया। एमएलसी अशोक धवन ने बताया कि अटल बिहारी जब प्रधानमंत्री थे तो वह उनसे मिले और इस समस्या से निजात दिलाने का अनुरोध किया।
वाजपेयी ने पूछा कि यह कैसे होगा। तब उन्हें ओपेन जनरल लाइसेंस (ओजीएल) का सुझाव दिया, जिसे उन्होंने लागू कर तस्करी की समस्या को खत्म कराया। बनारस के बुनकरों की भी उन्होंने खूब मदद की। धवन के अनुसार टेक्सटाइल्स पर सेंट्रल वेट लागू था। इससे छोटे बुनकरों को नुकसान हो रहा था। वह चार बुनकरों को लेकर दिल्ली गए और वाजपेयी से मुलाकात कर पूरी बात बताई।
वाजपेयी ने हमसे ज्ञापन लिया और तत्कालीन वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा को बुलाकर कहा कि इसे पढ़ो और इस काम को कर दो। इस पर यशवंत सिन्हा ने धवन से ही पूछा कि यह कैसे होगा। धवन ने कहा, मैं नहीं जानता। प्रधानमंत्री ने आप से कहा है, आप जानें। इसके बाद यशवंत सिन्हा ने पूर्वांचल में आठ पावरलूम तक रखने वालों को सेंट्रल वैट से छूट दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
वाजपेयी ने पूछा कि यह कैसे होगा। तब उन्हें ओपेन जनरल लाइसेंस (ओजीएल) का सुझाव दिया, जिसे उन्होंने लागू कर तस्करी की समस्या को खत्म कराया। बनारस के बुनकरों की भी उन्होंने खूब मदद की। धवन के अनुसार टेक्सटाइल्स पर सेंट्रल वेट लागू था। इससे छोटे बुनकरों को नुकसान हो रहा था। वह चार बुनकरों को लेकर दिल्ली गए और वाजपेयी से मुलाकात कर पूरी बात बताई।
विज्ञापन
वाजपेयी ने हमसे ज्ञापन लिया और तत्कालीन वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा को बुलाकर कहा कि इसे पढ़ो और इस काम को कर दो। इस पर यशवंत सिन्हा ने धवन से ही पूछा कि यह कैसे होगा। धवन ने कहा, मैं नहीं जानता। प्रधानमंत्री ने आप से कहा है, आप जानें। इसके बाद यशवंत सिन्हा ने पूर्वांचल में आठ पावरलूम तक रखने वालों को सेंट्रल वैट से छूट दी थी।
विज्ञापन
हर व्यक्ति का काम करने की नसीहत
नाश्ता करते हुए अटल जी
- फोटो : file photo
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी बनारस आते थे तो अशोक धवन के सिगरा स्थित घर पर ही रुकते थे। हंसी मजाक बहुत करते थे। बेनियाबाग में एक बार उनकी सभा थी। जिस समय वाजपेयी बेनियाबाग पहुंचे तो अंदर विजयाराजे सिंधिया का भाषण चल रहा था।
सभास्थल के बाहर ही रुक कर उन्होंने पूरा भाषण सुना। इसके बाद अंदर गए और मंच से कहा कि मैं देर से आने के लिए माफी मांगता हूं। मेरा जन्म ग्वालियर में हुआ था। वहां की राजमाता यहां मौजूद हैं। मैं उनकी बातों को नहीं सुन पाया मुझे काफी दुख है। इस प्रकार से वाजपेयी लोगों को महत्व देते थे।
साथ ही धवन बताते हैं कि उनके एक व्यापारी मित्र का बिजली बिल 12 लाख रुपये आया। वह मित्र के साथ लालजी टंडन के पास गये और कहा इस पर दो लाख रुपये का ब्याज माफ करवा दें। टंडन ने इनकार कर दिया। धवन ने फिर वाजपेयी से कहा तो उन्होंने टंडन से कहा- टंडन जी, मंत्री का मतलब है हर किसी के काम आए। आपको हर व्यक्ति का काम करना है। इसके बाद मेरा मित्र का काम हो गया।
सभास्थल के बाहर ही रुक कर उन्होंने पूरा भाषण सुना। इसके बाद अंदर गए और मंच से कहा कि मैं देर से आने के लिए माफी मांगता हूं। मेरा जन्म ग्वालियर में हुआ था। वहां की राजमाता यहां मौजूद हैं। मैं उनकी बातों को नहीं सुन पाया मुझे काफी दुख है। इस प्रकार से वाजपेयी लोगों को महत्व देते थे।
साथ ही धवन बताते हैं कि उनके एक व्यापारी मित्र का बिजली बिल 12 लाख रुपये आया। वह मित्र के साथ लालजी टंडन के पास गये और कहा इस पर दो लाख रुपये का ब्याज माफ करवा दें। टंडन ने इनकार कर दिया। धवन ने फिर वाजपेयी से कहा तो उन्होंने टंडन से कहा- टंडन जी, मंत्री का मतलब है हर किसी के काम आए। आपको हर व्यक्ति का काम करना है। इसके बाद मेरा मित्र का काम हो गया।