निरीक्षण करने अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री, खामियां देख बोले- व्यवस्था सुधारें, वरना खैर नहीं
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प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने गुरुवार को गाजीपुर जिले के गोराबाजार स्थित दो सौ बेड वाले जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान ओपीडी, आईपीडी, इमरजेंसी, एनआरसी, जन औषधि केंद्र, वार्डों में जाकर उन्होंने मरीजों तथा तीमारदारों से बातचीत की।
चिकित्सकों के समय से ओपीडी नहीं आने पर चेतावनी दी। जिला अस्पताल में स्ट्रेचर की कमी, बाहरी दवाएं लिखने और अन्य कमियों पर सीएमएस को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि हर मरीज को यहां उपलब्ध सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री करीब डेढ़ बजे जिला अस्पताल पहुंचे। पहले वह स्टोर रूम में पहुंचे और दवाओं के रखरखाव की व्यवस्था देखी। इसके बाद आपातकालीन विभाग में पहुंचे। इसी बीच एक महिला मरीज को तीमारदार हाथ पर उठाकर ला रहे थे। यह देख कर उन्होंने स्ट्रेचर के बारे में पूछा। सही जवाब ना पाकर वह नाराज हो गए।
उन्होंने निर्देश दिया कि इमरजेंसी में हर समय स्ट्रेचर की उपलब्धता रहनी चाहिए और मुख्य गेट पर गार्ड की तैनाती भी हो। इसके बाद माइनर ओटी में एसी और पंखा नहीं होने पर नाराजगी जताई। पोषण पुनर्वास केंद्र की डायरी तथा मेस में खाने की व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद वह पहली और दूसरी मंजिल पर वार्डों में पहुंचे, जहां अस्पताल में भर्ती मरीजों से जानकारी ली।
इमरजेंसी वार्ड में एक महिला ने बाहर से 14 सौ रुपये की दवा मंगाने की जानकारी दी। इस पर उन्होंने कहा कि कौन सी दवा और क्यों मंगाई गई है, इसकी जानकारी वह लेंगे। अस्पताल के जन औषधि केंद्र पर दवा खरीद रही युवती से बात कर दवाओं की जानकारी ली।