{"_id":"63961a0fe669531d2a62d773","slug":"sco-representatives-visited-chunar-fort-varanasi-news-vns6880777143","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varanasi News: एससीओ प्रतिनिधियों ने चुनार किले का किया भ्रमण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi News: एससीओ प्रतिनिधियों ने चुनार किले का किया भ्रमण
विज्ञापन
एससीओ के सदस्यों और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसरों ने रविवार को चुनार किला और जलप्रपातों का भ्रमण किया। गाइड ने पर्यटकों को चुनार के किले की अनुश्रुतियों को बताते हुए उसके सौंदर्य से पर्यटकों को रूबरू कराया। इसके बाद पर्यटक राजदरी व देव दरी जलप्रपात के प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव किया।
चार दिवसयी अंतरराष्ट्रीय राइटर, ब्लॉगर कॉन्क्लेव में शामिल होने आए पर्यटकों ने प्राकृतिक जल प्रपातों को देखकर कहा यह प्रकृति की सुंदरता का शानदार नमूना है। देर शाम वाराणसी लौटने पर पर्यटकों ने काशी विश्वनाथ धाम में आरती देखी। इससे पूर्व शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्यों और लेखकों के दल ने सारनाथ में धमेख स्तूप और लल्लापुरा में हथकरघा से बुनाई व हस्तशिल्प केंद्र का भ्रमण किया था।
इंडिया को जानने के लिए बनारस घूमना होगा
उज्बेकिस्तान के सिराज्जूद्दीन रउफ माजिद ने बताया कि हेरिटेज सिटी वाराणसी बहुत सुंदर है। यहां आने से पहले ऑनलाइन माध्यमों से जो कुछ पढ़ा उससे कहीं ज्यादा देखने को मिला रहा है। बनारस घूमे बिना इंडिया घूमना अधूरा है। अब्दुर्राशुल ने बताया कि भारतीय संस्कृति बहुत समृद्ध है। हम यही जानते थे कि यह एक पुराना शहर है। यहां आने के बाद इसके बारे में पता चला है।
विज्ञापन
विज्ञापन
चार दिवसयी अंतरराष्ट्रीय राइटर, ब्लॉगर कॉन्क्लेव में शामिल होने आए पर्यटकों ने प्राकृतिक जल प्रपातों को देखकर कहा यह प्रकृति की सुंदरता का शानदार नमूना है। देर शाम वाराणसी लौटने पर पर्यटकों ने काशी विश्वनाथ धाम में आरती देखी। इससे पूर्व शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्यों और लेखकों के दल ने सारनाथ में धमेख स्तूप और लल्लापुरा में हथकरघा से बुनाई व हस्तशिल्प केंद्र का भ्रमण किया था।
विज्ञापन
इंडिया को जानने के लिए बनारस घूमना होगा
उज्बेकिस्तान के सिराज्जूद्दीन रउफ माजिद ने बताया कि हेरिटेज सिटी वाराणसी बहुत सुंदर है। यहां आने से पहले ऑनलाइन माध्यमों से जो कुछ पढ़ा उससे कहीं ज्यादा देखने को मिला रहा है। बनारस घूमे बिना इंडिया घूमना अधूरा है। अब्दुर्राशुल ने बताया कि भारतीय संस्कृति बहुत समृद्ध है। हम यही जानते थे कि यह एक पुराना शहर है। यहां आने के बाद इसके बारे में पता चला है।
विज्ञापन