Varanasi News: विश्वनाथ धाम में महाकुंभ सा नजारा, 4.5 लाख ने किए दर्शन; ठंड पर भी भारी पड़े बाबा के भक्त
Kashi Vishwanath Temple: गेट संख्या 4 के बाहर काफी देर तक न तो सड़क दिखी और न ही दुकानें, सिर्फ सिर ही सिर दिखाई दिए। गौदोलिया से लेकर चौक थाना तक भक्तों का इतना बड़ा रेला उमड़ा कि बाबा काल भैरव तक गलियां चोक हो गईं।
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Varanasi News: श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में शनिवार को सावन और महाकुंभ के सोमवार जैसा नजारा रहा। नया साल शुरू होने से तीन दिन पहले ही बाबा विश्वनाथ का धाम साढ़े चार लाख भक्तों के जयघोष से गूंज उठा और महाकुंभ वाली दर्शन-पूजन व्यवस्था लागू कर दी गई। मंगला आरती से लेकर शयन आरती तक विश्वनाथ के भक्त कड़ाके की ठंड पर भी भारी पड़े। झांकी दर्शन और जलाभिषेक कर देश-विदेश से आए भक्त शिव के प्रति समर्पित दिखे।
सड़कों पर भीड़ बढ़ने के बाद भक्त गंगा द्वार से बैरिकेडिंग में प्रवेश कर लंबी-लंबी कतारों में चलकर गर्भगृह तक पहुंचे। दोपहर के दौरान भक्तों की संख्या इतनी बढ़ गई कि सड़क पर उन्हें संभालने में पुलिस और मंदिर प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के एसडीएम माइक लेकर धाम के बाहर लोगों को समझाते नजर आए।
इंड टू इंड बैरिकेडिंग व्यवस्था लागू
मीडियाकर्मियों से बात करते हुए एसडीएम शंभू शरण ने बताया कि इंड टू इंड बैरिकेडिंग व्यवस्था लागू कर दी गई है। सभी भक्त झांकी दर्शन कर जिस रास्ते से आए, उसी रास्ते से वापस हो रहे हैं। कुंभ और सावन सोमवार की सभी व्यवस्थाएं फिर से सक्रिय कर दी गई हैं। कुल 500 से अधिक कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी पूरे मंदिर परिसर में तैनात हैं। भक्तों को सुचारु रूप से दर्शन कराया जा रहा है। बाबा विश्वनाथ मंदिर में आम भक्तों को सामान्य कतार से, वहीं कुछ चुनिंदा प्रोटोकॉल भक्तों को 4बी गेट से प्रवेश कराया गया।
गंगा आरती में देव दीपावली सा नजारा
दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती में शनिवार को देव दीपावली की तरह ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही। नाव से घाट की सीढि़यां तक श्रद्धालुओं से खचाखच भरी रहीं। दोपहर बाद से ही घाट पर गंगा आरती में शामिल होने के लिए लोग पहुंचने लगे थे। चार बजते-बजते घाट की सीढि़यां श्रद्धालुओं से भर गईं। आरती खत्म होने के बाद दशाश्वमेध घाट से गोदौलिया तक सिर्फ श्रद्धालुओं की भीड़ ही नजर आई।