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Sawan 2022: पहली बार शिवभक्त गंगा तट से जल लेकर सीधे करेंगे बाबा का अभिषेक, कांवड़ियों के लिए तय होगा अलग मार्ग

Tue, 05 Jul 2022 02:41 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Tue, 05 Jul 2022 02:41 PM IST
सार

मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि सावन में पहली बार श्रद्धालु गंगा जल लेकर बाबा का अभिषेक कर सकेंगे। इसके साथ ही इस बार धाम में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सभी तैयारियां की जा रही हैं।

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Sawan 2022 devotees will worship Baba vishwanath directly by taking ganga jal from Ganga ghat in kashi vishwanath dham
श्री काशी विश्वनाथ धाम का गंगाद्वार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सावन के महीने में पहली बार शिवभक्त गंगा तट से जल लेकर सीधे बाबा विश्वनाथ का अभिषेक कर सकेंगे। गौदौलिया, मैदागिन, दशाश्वमेध व गंगा घाट से आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए आने-जाने का मार्ग तय कर दिया गया है। जो श्रद्धालु जिस मार्ग से प्रवेश करेगा, दर्शन करने के बाद उसी मार्ग से वापस निकलेगा। इसके साथ ही इस बार धाम में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सभी तैयारियां की जा रही हैं।

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रविवार को मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र और पुलिस महानिदेशक देवेंद्र सिंह चौहान ने श्री काशी विश्वनाथ धाम का निरीक्षण करने जलमार्ग से ललिता घाट पहुंचे। घाट की व्यवस्था को देखते हुए उन्होंने बाबा के धाम में प्रवेश किया। श्रद्धालुओं के आने-जाने के मार्ग और उनकी सुविधाओं के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली।
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निरीक्षण के बाद दोनों अधिकारियों ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा का पूजन किया। पूजन-अर्चन करने के बाद दोनों अधिकारियों ने मीटिंग हॉल में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से अलग-अलग व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

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Sawan 2022 devotees will worship Baba vishwanath directly by taking ganga jal from Ganga ghat in kashi vishwanath dham
काशी विश्वनाथ धाम में मुख्य सचिव समेत अन्य अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि सावन में पहली बार श्रद्धालु गंगा जल लेकर बाबा का अभिषेक कर सकेंगे। अधिकारियों ने मुख्य सचिव को बताया कि सावन के सोमवार पर छह लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। उसी के अनुसार तैयारियां की जा रही हैं।

मुख्य सचिव डीएस मिश्र ने कहा कि सावन माह में न केवल वाराणसी बल्कि आसपास के जिले और दूरदराज से भी लोग बाबा विश्वनाथ को जल अर्पित करने आते हैं। ऐसे में आसपास के सभी जिलों के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर तैयारी करें। प्रयागराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग मार्ग तय किए जाएं ताकि उस पर वाहनों का आवागमन न हो सके। कावड़ियों के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधा, पेयजल तथा अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का निर्देश दिया।

महिला श्रद्धालुओं के लिए तैनात होगी महिला पुलिस

पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने बताया कि जिस-जिस मार्ग से श्रद्धालुओं को आना है उस मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए ही तय कर दिया जाएगा। सुविधा केंद्र, सहायता केंद्र बनाए जाएंगे। पुलिस महानिदेशक देवेंद्र सिंह चौहान ने सावन माह में आने वाली महिला श्रद्धालुओं की व्यवस्था के लिए रूटों पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती और उनकी सुरक्षा व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए।

10 हजार यादव बंधु करेंगे बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक

Sawan 2022 devotees will worship Baba vishwanath directly by taking ganga jal from Ganga ghat in kashi vishwanath dham
जलाभिषेक के लिए जाते यादव बंधु (फाइल) - फोटो : अमर उजाला

सावन के पहले सोमवार को श्री काशी विश्वनाथ का जलाभिषेक करने के लिए चंद्रवंशी गोप सेवा समिति की बैठक हुई। संरक्षक पारसनाथ यादव के आवास पर हुई बैठक में 18 जुलाई को होने वाले प्रथम सोमवार को होने वाले जलाभिषेक व कलश यात्रा पर चर्चा हुई। कलश यात्रा में दस हजार यादव बंधु शामिल होंगे। इस दौरान काली शंकर यादव, विमलेश यादव, शशि प्रकाश चंदन और पीयूष यादव का सम्मान किया गया। बै

ज्ञानवापी में आदि विश्वेश्वर पर सावन में जल चढ़ाने की मिले अनुमति

काशी धर्म परिषद ने सावन में ज्ञानवापी परिसर में मिले शिवलिंग पर जल चढ़ाने की अनुमति मांगी है। इसके साथ ही कहा है कि सावन में काशी विश्वनाथ परिसर में पवित्रता का सिद्धांत लागू किया जाए। रविवार को लमही स्थित सुभाष भवन में आयोजित धर्म परिषद की बैठक में देश के वर्तमान हालात पर चर्चा हुई। 

बैठक की अध्यक्षता कर रहे महंत बालक दास ने कहा कि धार्मिक भावनाएं आहत करने और लोक व्यवस्था को भंग करने वालों पर देश भर में मुकदमे दर्ज होने चाहिए। इसके लिए धर्म परिषद भी सभी मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखेगी। कहा कि उदयपुर और अमरावती की घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
इससे संत समाज में नाराजगी है। हत्या के लिए उकसाने वालों को भी कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। इस दौरान आठ प्रस्ताव पारित किए गए। इसमें हिंदू देवी-देवताओं पर टिप्पणी करने वालों पर एफआईआर, आदि विश्वेश्वर पर जल चढ़ाने की अनुमति, महंत बालक दास को उच्च स्तरीय सुरक्षा देने और देशभर में साजिश के तहत फैलाई जा रही हिंसा को तत्काल रोका जाए। 

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