संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालयः पीएचडी प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन 8 सितंबर से, जानें चयन प्रक्रिया सहित अन्य जानकारी
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश परीक्षा के लिए ई- चालान छह सितंबर, शुल्क सात सितंबर और आवेदन आठ सितंबर से ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएंगे। शोध प्रवेश परीक्षा का आयोजन 27 अक्तूबर को किया जाएगा।
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वाराणसी स्थित संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में विद्यावारिधी (पीएचडी) प्रवेश परीक्षा का कार्यक्रम शुक्रवार को घोषित कर दिया गया। प्रवेश परीक्षा शुल्क के लिए ई-चालान छह सितंबर से निकाला जाएगा। छात्र 28 सितंबर तक ऑनलाइन शोध परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे। शोध प्रवेश परीक्षा का आयोजन 27 अक्तूबर को किया जाएगा।
उपकुलसचिव केस लाल ने बताया कि प्रवेश परीक्षा का शुल्क सामान्य व अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए एक हजार तथा अनुसूचित जनजाति के लिए पांच सौ रुपये रखा गया है। विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश परीक्षा के लिए ई- चालान छह सितंबर, शुल्क सात सितंबर और आवेदन आठ सितंबर से ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएंगे।
विश्वविद्यालय की वेबसाइट से ऑनलाइन चालान निकालने की अंतिम तिथि 26 सितंबर, प्रवेश परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 27 सितंबर और ऑनलाइन आवेदन पत्र उपलब्ध होने की अंतिम तिथि 28 सितंबर है। प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी को स्वप्रमाणित संलग्नकों के साथ विश्वविद्यालय में अनुसंधान संस्थान के निदेशक को पंजीकृत डाक से प्राप्त होने की अंतिम तिथि चार अक्तूबर है। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर प्रवेश पत्र 22 अक्तूबर से उपलब्ध होंगे। प्रवेश परीक्षा का आयोजन 27 अक्तूबर को किया जाएगा।
संस्कृत विश्वविद्यालय में 46 साल बाद बढ़ेगी छात्रवृत्ति
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में शास्त्री और आचार्य के छात्रों की छात्रवृत्ति में 46 साल बाद बढ़ोतरी होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन की संस्तुति पर शासन भी शास्त्री और आचार्य के छात्रों की छात्रवृत्ति को बढ़ाने पर विचार कर रहा है। शास्त्री की छात्रवृत्ति 20 और आचार्य की 30 रुपये होने के कारण छात्र विश्वविद्यालय छात्रवृत्ति के लिए आवेदन ही नहीं करते थे।
संस्कृत विश्वविद्यालय में 1975 से छात्रों को 20 और 30 रुपये छात्रवृत्ति मिल रही है। पहली बार कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के सामने छात्रवृत्ति के मुद्दे को रखा था। सीएम ने इस मामले में प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजने का निर्देश दिया है।
वित्त समिति ने पहले ही छात्रवृत्ति को बढ़ाने पर अपनी मुहर लगा दी है। बस अब शासन की ओर से बजट व स्वीकृति मिलते ही वर्तमान सत्र से छात्रों को बढ़ी हुई छात्रवृत्ति मिलनी शुरू हो जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शास्त्री के छात्रों को 2000 व आचार्य के छात्रों को 3000 रुपये छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया है। इसी प्रकार शोधार्थियों को 500 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 5000 रुपये करने का प्रस्ताव है। वित्त समिति ने इसकी स्वीकृति भी प्रदान कर दी है।