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आरटीओ पहुंचे एडीएम, मिली खामियां
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 11 Jun 2016 01:55 AM IST
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परिवहन कार्यालय में पत्रावली चेक करते एडीएम फाइनेंस महेंद्र राय ।
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डीएम विजय किरण आनंद के निर्देश पर एडीएम वित्त एवं राजस्व महेंद्र राय शुक्रवार को संभागीय परिवहन कार्यालय में छापेमारी कर दी। उनके पहुंचते ही कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। दलाल बाउंड्री फांद कर भागने लगे तो कर्मचारी अपनी-अपनी सीटों पर पहुंच गए। एडीएम ने करीब पांच घंटे तक अलग-अलग पटल पर जाकर जांच की। बाद में उन्होंने एसडीएम पिंडरा, सीओ बड़ागांव और एसओ बड़ागांव को रोजाना परिवहन कार्यालय की जांच करने का निर्देश दिया।
डीएम ने करीब सप्ताह भर पूर्व परिवहन कार्यालय का स्टिंग कराया था। इसके बाद का हाल जानने के लिए अमर उजाला ने गुरुवार को परिवहन कार्यालय की हकीकत जानने के लिए लाइव रिपोर्टिंग की थी। बताया था कि अब भी बिना दलालों के वहां कोई काम नहीं होता है। फाइलों के रखरखाव पर भी सवाल खड़ा किया था। खबर का संज्ञान लेते हुए डीएम के निर्देश पर एडीएम वित्त शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे आरटीओ कार्यालय पहुंचे। सबसे पहले वह दफ्तर के गलियारों में रखी फाइलों को देखने गए। लाइसेंस, पंजीयन विभाग समेत अन्य पटल का निरीक्षण किया।
कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल की सुधा पांडेय ने बताया की 7 मार्च को लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने के बावजूद अब तक उन्हें लाइसेंस प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने दस बड़े बकायेदारों की सूची तलब की लेकिन एआरटीओ नहीं दे सके। निरीक्षण के दौरान 527 आरसी के कंप्यूटर में शो करने के बावजूद रजिस्टर में केवल 243 आरसी ही अंकित मिलीं, जिस पर उन्होंने पर नाराजगी जताई। उन्होंने हेलमेट की बिक्री सुनिश्चित कराये जाने का निर्देश दिया।
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डीएम ने करीब सप्ताह भर पूर्व परिवहन कार्यालय का स्टिंग कराया था। इसके बाद का हाल जानने के लिए अमर उजाला ने गुरुवार को परिवहन कार्यालय की हकीकत जानने के लिए लाइव रिपोर्टिंग की थी। बताया था कि अब भी बिना दलालों के वहां कोई काम नहीं होता है। फाइलों के रखरखाव पर भी सवाल खड़ा किया था। खबर का संज्ञान लेते हुए डीएम के निर्देश पर एडीएम वित्त शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे आरटीओ कार्यालय पहुंचे। सबसे पहले वह दफ्तर के गलियारों में रखी फाइलों को देखने गए। लाइसेंस, पंजीयन विभाग समेत अन्य पटल का निरीक्षण किया।
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कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल की सुधा पांडेय ने बताया की 7 मार्च को लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने के बावजूद अब तक उन्हें लाइसेंस प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने दस बड़े बकायेदारों की सूची तलब की लेकिन एआरटीओ नहीं दे सके। निरीक्षण के दौरान 527 आरसी के कंप्यूटर में शो करने के बावजूद रजिस्टर में केवल 243 आरसी ही अंकित मिलीं, जिस पर उन्होंने पर नाराजगी जताई। उन्होंने हेलमेट की बिक्री सुनिश्चित कराये जाने का निर्देश दिया।
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