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बीएचयू में बिना परमिट चल रही गाड़ियां, आरटीओ ने चीफ प्रॉक्टर को दिया नोटिस
Fri, 25 Jan 2019 11:20 AM IST
shashikant misra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: shashikant misra
Updated Fri, 25 Jan 2019 11:20 AM IST
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बीएचयू
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बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर ऑफिस की पांच गाड़ियां बिना फिटनेस और परमिट के परिसर में दौड़ रही हैं। इसका खुलासा जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत के बाद हुई जांच में हुआ है।
अब मामला पकड़ में आने के बाद आरटीओ कार्यालय की ओर से चीफ प्रॉक्टर को नोटिस जारी कर तत्काल संबंधित गाड़ियों का फिटनेस, परमिट और टैक्स जमा करने को कहा गया है। ऐसा न करने पर पंजीकरण निरस्त करने की चेतावनी भी दी गई है।
सीरगोवर्धनपुर निवासी अजीत कुमार ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत कर चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में बिना फिटनेस, परमिट के गाड़ियों के चलने की शिकायत की थी। इसमें मुख्य परिसर के साथ ही बरकछा स्थित दक्षिणी परिसर में करीब दर्जन भर गाड़ियों के बारे में शिकायत की गई थी।
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इसमें एक करोड़ रुपये की राजस्व हानि का भी जिक्र किया गया था। इसके बाद मामला आरटीओ कार्यालय पहुंचा। यहां जांच होने के बाद जो तथ्य सामने आया वह बेहद चौंकाने वाला है। जांच में पता चला कि पांच ऐसी गाड़ियां है जिनका कोई परमिट, फिटनेस नहीं है।
विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर कार्यालय, कुलपति-कुलसचिव कार्यालय सहित संस्थानों के निदेशकों, अधिकारियों के लिए अलग-अलग गाड़ियां हैं। इसमें सबसे अधिक गाड़ियां तो चीफ प्रॉक्टर आफिस में ही हैं। इसमें करीब आधा दर्जन चार पहिया वाहनों के साथ ही बसों का संचालन भी चीफ प्रॉक्टर कार्यालय के देखरेख में चल रहा है।
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अब मामला पकड़ में आने के बाद आरटीओ कार्यालय की ओर से चीफ प्रॉक्टर को नोटिस जारी कर तत्काल संबंधित गाड़ियों का फिटनेस, परमिट और टैक्स जमा करने को कहा गया है। ऐसा न करने पर पंजीकरण निरस्त करने की चेतावनी भी दी गई है।
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सीरगोवर्धनपुर निवासी अजीत कुमार ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत कर चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में बिना फिटनेस, परमिट के गाड़ियों के चलने की शिकायत की थी। इसमें मुख्य परिसर के साथ ही बरकछा स्थित दक्षिणी परिसर में करीब दर्जन भर गाड़ियों के बारे में शिकायत की गई थी।
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इसमें एक करोड़ रुपये की राजस्व हानि का भी जिक्र किया गया था। इसके बाद मामला आरटीओ कार्यालय पहुंचा। यहां जांच होने के बाद जो तथ्य सामने आया वह बेहद चौंकाने वाला है। जांच में पता चला कि पांच ऐसी गाड़ियां है जिनका कोई परमिट, फिटनेस नहीं है।
विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर कार्यालय, कुलपति-कुलसचिव कार्यालय सहित संस्थानों के निदेशकों, अधिकारियों के लिए अलग-अलग गाड़ियां हैं। इसमें सबसे अधिक गाड़ियां तो चीफ प्रॉक्टर आफिस में ही हैं। इसमें करीब आधा दर्जन चार पहिया वाहनों के साथ ही बसों का संचालन भी चीफ प्रॉक्टर कार्यालय के देखरेख में चल रहा है।