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Ropeway in Varanasi: स्विस इंजीनियरों की देखरेख में खड़े हो रहे टावर, काशी में यहां होंगे इंटरमीडिएट स्टेशन

Mon, 01 Dec 2025 09:48 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Mon, 01 Dec 2025 09:48 AM IST
सार

Varanasi News: वाराणसी में पांच स्थानों पर रोपवे का काम चल रहा है। गोदाैलिया पर टेक्निकल स्टेशन बनाया जा रहा है। ट्रायल भी कर लिया गया है। काशी में आने वाले पर्यटकों का रोपवे को लेकर उत्साह दिख रहा है।

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Ropeway in Varanasi Towbars erected under supervision of Swiss engineers intermediate stations
वाराणसी में निर्माणाधीन रोपवे का गंडोला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Ropeway in Varanasi: लक्सा थाने के समीप रोपवे के टावर को खड़ा करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। यहां आगे मकान हैं और पीछे जाने के लिए पतली गली है जिसमें से रोपवे के बड़े बड़े टावर नहीं जा सकते थे। ऐसी स्थिति में स्विटजरलैंड के इंजीनियरों की देखरेख में टावर के सामान को ले जाने के हैवी क्रेन मंगाई गई। 

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इस हैवी क्रेन की मदद से तीन मंजिला भवन से काफी ऊंचाई पर ले जाकर टावर के सामान गली के पीछे टावर लगने वाले स्थान पर ले जाए गए और उसे फिट किया जा रहे हैं। वीडीए के अधिकारियों के अनुसार 29 टावर लगेंगे। सुरक्षा कारणों से टावर की हाइट बहुत अधिक रखनी पड़ती है। सबसे अधिक टावर की ऊंचाई 160 फीट है। 
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इन टावर्स की फाउंडेशन 80 फीट गहरी बनाई गई है। पिछले दिनों यहां रास्ता डायवर्ट किया गया था। गुरुबाग से गिरजाघर जाने वाले वाहनों को औरंगाबाद की ओर डायवर्ट किया गया था। कुछ वाहन लक्सा होकर पीडीआर मॉल के बगल से गीता मंदिर वाले रास्ते से नई सड़क की ओर जा रहे थे और बड़े वाहन औरंगाबाद होकर निकल रहे थे। 

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एक नजर में रोपवे 
3.8 किलोमीटर दूरी में रोपवे का निर्माण हो रहा है। कैंट से गोदौलिया तक के बीच काशी विद्यापीठ, रथयात्रा इंटरमीडिएट स्टेशन होंगे। गिरजाघर एक टेक्निकल स्टेशन हैं। इस परियोजना की कुल लागत 815.58 करोड़ रुपये हैं।

वीडीए के अधिकारियों ने बताया कि 29 टावर लगेंगे। सुरक्षा कारणों से टावर्स की हाइट बहुत अधिक रखनी पड़ती है। सबसे ऊंचा टावर नंबर 15 सुविधा साड़ी सिगरा के पास है। जिसकी ऊंचाई 160 फीट है। इन टावर्स की फाउंडेशन 80 फीट गहरी बनाई गई है। 3.8 किलोमीटर दूरी में रोपवे का निर्माण हो रहा है। कैंट से गोदौलिया तक के बीच काशी विद्यापीठ, रथयात्रा इंटरमीडिएट स्टेशन होंगे। गिरजाघर एक टेक्निकल स्टेशन हैं। इस प्रकार कुल 5 स्टेशन हैं। इस परियोजना की कुल लागत 815.58 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

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