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Ropeway Varanasi: क्या होती है नजूल की जमीन?, जिसका रोपवे के स्टेशन के लिए होगा इस्तेमाल; की जा रही तलाश

Wed, 11 Dec 2024 05:54 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Wed, 11 Dec 2024 05:54 PM IST
सार

गोदौलिया से गिरजाघर के बीच बनने वाले स्टेशन के लिए अभिलेखों की पड़ताल की जा रही है। इसके लिए राजस्व विभाग नजूल की जमीन तलाश रहा है। 

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Revenue department looking for Nazul land for Varanasi ropeway station
दशाश्वमेध प्लाजा पर रखा रोपवे का गंडोला। - फोटो : संवाद

विस्तार

गोदौलिया से गिरजाघर के बीच बनने वाले रोपवे के स्टेशन के लिए जमीन की तलाश तेज कर दी गई है। इस दौरान राजस्व विभाग नजूल की जमीन तलाश रहा है। जरूरत पड़ने पर ही निजी जमीन खरीदी जाएगी। फिलहाल कार्यदायी एजेंसी की ओर से डिजाइन फाइनल होने के बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

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स्टेशन को लेकर कार्यदायी एजेंसी के अलावा तहसील, प्रशासन, वीडीए और नगर निगम के अधिकारी लगे हैं। उन्होंने कुछ जमीनों की तलाश के लिए टीम लगाई है। इससे जुड़े अधिकारियों ने बताया कि तीन जगहों की तलाश की गई है। जो गिरजाघर से गोदौलिया के बीच है। इसके पुराने अभिलेख खंगाले जा रहे हैं। यहां कुछ कोलकाता के लोगों की जमीनें हैं। 
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कुछ काशी विश्वनाथ मंदिर को दान में मिली जमीनें हैं। इसके अलावा कुछ नजूल की जमीन है। प्रयास होगा कि नजूल की जमीन को फाइनल किया जाए। फिलहाल कार्यदायी संस्था के अनुसार ही जमीन तय की जाएगी। जरूरत पड़ने पर निजी जमीनों को खरीदने पर विचार किया जाएगा।

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खंगाले जा रहे पुराने दस्तावेज

जानकारों के अनुसार नजूल की जमीन पर कब्जे के विवाद होते हैं। इस पर सरकार का कब्जा होता है। नजूल की जमीन का इस्तेमाल सार्वजनिक काम के लिए किया जा सकता है। राज्य सरकार नजूल की जमीन लीज पर देती है। लीज की अवधि 15 से 99 साल के बीच होती है। नजूल की जमीन को ट्रांसफर भी किया जा सकता है। हालांकि, उसका मालिकाना हक नहीं बदला जा सकता है।

गोदौलिया से गिरजाघर के बीच सड़क के बायीं ओर दूध सट्टी, हरसुंदरी धर्मशाला और गिरजाघर हैं। दायीं ओर कुछ निजी और कुछ नजूल की जमीनें हैं। इसकी पड़ताल की जा रही है। पुराने रिकार्ड खंगाले जा रहे हैं। दस्तावेजों के आधार पर यदि निजी जमीन जमीन की आवश्यकता हुई तो जमीन अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए जमीन के मालिक को मुआवजा भी सरकार के नियम कानून के अनुसार दिया जाएगा।
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