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हर्बल बैंडेज दिलाएगा खुजली और रूखेपन से राहत
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वाराणसी। बदलते मौसम के साथ शरीर में कभी रूखापन, खुजली तो कभी चकत्ते पड़ने जैसे चर्म रोग होना लोगों को परेशान करता है। इसके इलाज के लिए उन्हें चिकित्सकों के पास काफी पैसे खर्च करते हैं। लेकिन अब आप घर पर ही उक्त रोगों से निजात पा सकते हैं। दरअसल, यह संभव हो सका है बीएचयू आयुर्वेद संकाय के रसशास्त्र विभाग की छात्रा के शोध से। छात्रा मनीषा सोनी ने एक ऐसा हर्बल बैंडेज तैयार किया है, जिसको लगाने के बाद ये सभी बीमारियां दूर हो जाएंगी। उन्होंने बताया कि हल्दी से तैयार हर्बल बैंडेज का प्रयोग चूहों पर करने में सफलता मिली है।
शोध छात्रा मनीषा ने रसशास्त्र विभाग के डॉ. लक्ष्मीनारायण गुप्त के निर्देशन में कच्ची हल्दी और बैंडेज के इस्तेमाल से हर्बल बैंडेज तैयार किया है। इसकी जांच अलग-अलग पैरामीटर पर करने के बाद सफल परिणाम आए हैं। डॉ. संतोष कुमार सिंह के देखरेख में दो महीने तक चूहों पर भी इसका प्रयोग किया गया। पहले चूहों के शरीर पर केमिकल डाला गया जिससे कि उनमें त्वचा रोग हुआ, इसके बाद हर्बल बैंडेज लगाकर देखा गया कि 15 दिन बाद धीरे-धीरे दाग धब्बा खत्म हो गया।
ऐसे प्रयोग करें हर्बल बैंडेज
एक किलोग्राम कच्ची हल्दी को रात भर करीब आठ लीटर पानी में भिगोने के बाद सुबह उसको करीब दो घंटे पानी में उबाल लेना है। इसके बाद पानी कम होकर करीब एक लीटर तक रह जाएगा। इसके बाद उसे अच्छी तरह से छान लें, फिर पानी की तलछटी में हल्दी के कण जम जाते हैं। इसे बैंडेज पर लगाकर जिस जगह रूखापन हो या फिर खुजली, सूजन, लालिमा आदि हो, वहां लगाकर बांधें। 15 दिन बाद उसका परिणाम दिखने लगेगा।
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विभाग के डॉ. लक्ष्मीनारायण गुप्त के निर्देशन में हुआ यह शोध जनोपयोगी है। शोध कार्य पूरा होने के बाद अब इसे क्लीनिकल स्टडी में लाने की तैयारी चल रही है। जिससे कि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।-प्रो. आनंद कुमार चौधरी, विभागाध्यक्ष
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शोध छात्रा मनीषा ने रसशास्त्र विभाग के डॉ. लक्ष्मीनारायण गुप्त के निर्देशन में कच्ची हल्दी और बैंडेज के इस्तेमाल से हर्बल बैंडेज तैयार किया है। इसकी जांच अलग-अलग पैरामीटर पर करने के बाद सफल परिणाम आए हैं। डॉ. संतोष कुमार सिंह के देखरेख में दो महीने तक चूहों पर भी इसका प्रयोग किया गया। पहले चूहों के शरीर पर केमिकल डाला गया जिससे कि उनमें त्वचा रोग हुआ, इसके बाद हर्बल बैंडेज लगाकर देखा गया कि 15 दिन बाद धीरे-धीरे दाग धब्बा खत्म हो गया।
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ऐसे प्रयोग करें हर्बल बैंडेज
एक किलोग्राम कच्ची हल्दी को रात भर करीब आठ लीटर पानी में भिगोने के बाद सुबह उसको करीब दो घंटे पानी में उबाल लेना है। इसके बाद पानी कम होकर करीब एक लीटर तक रह जाएगा। इसके बाद उसे अच्छी तरह से छान लें, फिर पानी की तलछटी में हल्दी के कण जम जाते हैं। इसे बैंडेज पर लगाकर जिस जगह रूखापन हो या फिर खुजली, सूजन, लालिमा आदि हो, वहां लगाकर बांधें। 15 दिन बाद उसका परिणाम दिखने लगेगा।
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विभाग के डॉ. लक्ष्मीनारायण गुप्त के निर्देशन में हुआ यह शोध जनोपयोगी है। शोध कार्य पूरा होने के बाद अब इसे क्लीनिकल स्टडी में लाने की तैयारी चल रही है। जिससे कि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।-प्रो. आनंद कुमार चौधरी, विभागाध्यक्ष