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मलदहिया में नहीं होगा रावण का पुतला दहन, आयोजन निरस्त
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कोरोना महामारी के कारण काशी के प्रमुख स्थानों पर आयोजित होने वाला रावण के पुतला दहन नहीं होगा। संक्रमण को देखते हुए आयोजन कुछ आयोजन समितियों ने रावण दहन के कार्यक्रम को पहले ही निरस्त कर दिया है। हालांकि डीरेका में सोशल मीडिया पर रावण दहन करने की तैयारी की जा रही है।
समाज सेवा संघ के अध्यक्ष मंगल सोनी और संस्थापक मंत्री तिलकराज कपूर ने बताया कि मलदहिया पर होने वाला रावण दहन का कार्यक्रम इस बार स्थगित कर दिया गया है। शासन और प्रशासन ने दो सौ आदमियों के इकठ्ठा होने की अनुमति दी है, लेकिन रावण दहन पर भीड़ ज्यादा हो जाती है। इसलिए समिति ने बैठक में यह निर्णय लिया है कि इस साल आम जनता के हित को ध्यान में रखते हुए रावण दहन नहीं किया जाएगा। आयोजन समिति ने काशी की जनता से आयोजन नहीं करने पर क्षमा भी मांगी है।
वहीं रामनगर में किले के सूत्रों के मुताबिक रामनगर और शिवपुर में भी रावण के पुतला दहन का आयोजन पहले से ही निरस्त कर दिया गया है।
वहीं डीरेका की आयोजन समिति का कहना है कि दशहरे पर सांकेतिक रूप से रावण दहन की योजना बनाई जा रही है। इसको सोशल मीडिया के जरिए आम जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। बता दें कि डीरेका में हर साल 75 फीट का रावण, 65 फीट का कुंभकर्ण और 60 फीट का मेघनाद का पुतला दहन किया जाता था।
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टूट गईं रोजगार और आमदनी की उम्मीदें
सबसे बड़ी बात यह है कि डीएलडब्लू मैदान में होने वाले भव्य आयोजन से पहले ही बहुत से लोग रोजगार और अच्छी आमदनी की उम्मीद लगा कर बैठे थे। आसपास के लोगों की मेले में हिस्सा लेने के लिए भीड़ उमड़ती थी, जिससे पास में स्थित सेंट्रल मार्केट के दुकानदारों की भी चांदी रहती थी। दुकानदार इस बार मायूस हैं। वहीं आयोजन रद्द होने की वजह से इस पूरे एक साल इंतजार कर दशहरे के मेले में शामिल होने की तैयारी कर रहे लोग भी मायूस हैं।
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समाज सेवा संघ के अध्यक्ष मंगल सोनी और संस्थापक मंत्री तिलकराज कपूर ने बताया कि मलदहिया पर होने वाला रावण दहन का कार्यक्रम इस बार स्थगित कर दिया गया है। शासन और प्रशासन ने दो सौ आदमियों के इकठ्ठा होने की अनुमति दी है, लेकिन रावण दहन पर भीड़ ज्यादा हो जाती है। इसलिए समिति ने बैठक में यह निर्णय लिया है कि इस साल आम जनता के हित को ध्यान में रखते हुए रावण दहन नहीं किया जाएगा। आयोजन समिति ने काशी की जनता से आयोजन नहीं करने पर क्षमा भी मांगी है।
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वहीं रामनगर में किले के सूत्रों के मुताबिक रामनगर और शिवपुर में भी रावण के पुतला दहन का आयोजन पहले से ही निरस्त कर दिया गया है।
वहीं डीरेका की आयोजन समिति का कहना है कि दशहरे पर सांकेतिक रूप से रावण दहन की योजना बनाई जा रही है। इसको सोशल मीडिया के जरिए आम जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। बता दें कि डीरेका में हर साल 75 फीट का रावण, 65 फीट का कुंभकर्ण और 60 फीट का मेघनाद का पुतला दहन किया जाता था।
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टूट गईं रोजगार और आमदनी की उम्मीदें
सबसे बड़ी बात यह है कि डीएलडब्लू मैदान में होने वाले भव्य आयोजन से पहले ही बहुत से लोग रोजगार और अच्छी आमदनी की उम्मीद लगा कर बैठे थे। आसपास के लोगों की मेले में हिस्सा लेने के लिए भीड़ उमड़ती थी, जिससे पास में स्थित सेंट्रल मार्केट के दुकानदारों की भी चांदी रहती थी। दुकानदार इस बार मायूस हैं। वहीं आयोजन रद्द होने की वजह से इस पूरे एक साल इंतजार कर दशहरे के मेले में शामिल होने की तैयारी कर रहे लोग भी मायूस हैं।